आखिर देह व्यापार जॉन को क्यों कहा जाता है ‘रेड लाइट एरिया’, वजह जानकर होंगे हैरान

आखिर देह व्यापार जॉन को क्यों कहा जाता है ‘रेड लाइट एरिया’, वजह जानकर होंगे हैरान

कई बार मर्द अपनी पर्सनल लाइफ और कई बार अपनी हवस के कारण देह व्यापार के एरिया में भटकने लगता है। ऐसे ही महिलाएं भी कई अपने पर्सनल कारणों की वजह से इस क्षेत्र में आ जाती है। हमारी धरती पर देह व्यापार सबसे पुराने व्यापारों में से एक है। प्राचीन सभ्यताओं में भी दे व्यापार का काफी जिक्र होता है जिनसे इस बात की पुष्टि होती है कि प्राचीन सभ्यताओं में भी दे व्यापार किया जाता था। अक्सर मीडिया में इन इलाकों को रेड लाइट एरिया कहा जाता है।

रेड लाइट एरिया क्यों रहते हैं:

इस बारे में कई मान्यताएँ प्रचलित हैं। हज़ारों वर्षों से जिस्म बाज़ार का लाल रंग से रिश्ता रहा है। लाल रंग को कामुक और संवेदनशील माना जाता रहा है। प्रथम विश्व युद्ध के दौरान बेल्जियम और फ्रांस के कई वेश्यालयों का वर्गीकरण किया गया था। अधिकारियों के लिए वेश्यालय के सामने नीले रंग का कोई चिन्ह लगाया जाता था।


वहीं दूसरे दर्ज़े के लोगों के लिए लाल रंगों के चिन्ह प्रयोग में लाए जाते थे। लाल रंग और वेश्याओं के बीच संबंधों के एक धार्मिक किताब से भी कुछ उदाहरण मिले हैं। इसके अनुसार रहाब नाम की वेश्या अपने घर की पहचान के लिए लाल रंग की रस्सी का प्रयोग करती थी।


इनकी फिल्में तो बहुत देखी होंगी, आज जानिए रियल लाइफ 'टार्जन' के बारे में

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नयी दिल्ली: मूवी में तो टार्जन (Tarzan) देखा होगा लेकिन क्या आप रियल लाइफ 'टार्जन' के बारे में जानते हैं जी हां, वियतनाम के जंगलों में रहने वाले रियल लाइफ 'टार्जन' के बारे में जानकारी बहुत दिलचस्प है टार्जन ने अपने जीवन के 40 वर्ष जंगल में ही बिताए जब उसे मुख्याधारा से जोड़ने के लिए शहर ले जाया गया तो कुछ ही वर्षों में उसकी मृत्यु हो गई

इस रियल लाइफ टार्जन का वास्तविक नाम हो वैन लैंग है 1972 में अमेरिका (US) द्वारा की गई बमबारी में लैंग के पूरे परिवार की मृत्यु हो गई थी इसके बाद वे अपने पिता के साथ शहर छोड़कर भाग गए लैंग और उनके पिता जंगल में ही रहने लगे, उन्होंने कभी वापस शहर न लौटने का निर्णय लिया जीवन के 40 साल जंगल में बिताने वाले लैंग को फिल्म निर्माता अल्वारो सेरेजो ने ढूंढ़ निकाला और उन्हें वापस मुख्यधारा में ले जाने का निर्णय लिया  

लैंग को अल्वारो सेरेजो ने 2013 में खोजा इस दौरान जब एक टीम उन्हें वापस शहर ले जाने के लिए पहुंची तब भी वे समझते थे कि वियतनाम युद्ध अभी भी चल रहा है, इसी वजह से वे वापस शहर नहीं आए लेकिन उन्हें समझाया गया कि युद्ध समाप्त हो चुका है, वे वापस शहर चलकर रह सकते हैं इसके बाद वे वापस चलने के लिए तैयार हुए हालांकि हो वैन लैंग को शहर की आबोहवा अधिक समय तक रास नहीं आई  

जंगल में खाते थे ये खाना

हो वान लैंग की सितंबर में 52 साल की आयु में मृत्यु हो गई इसके पीछे माना जाता है कि उन्हें शहर की तनाव भरी जीवन रास नहीं आई वे शहर में आने के बाद कभी-कभी शराब भी पीने लगे थे जंगल में 40 साल बिताने वाले लैंग को शहर का खाना भी रास नहीं आया वे जंगल में फल, छाल और मांस खाते थे लेकिन शहर में प्रोसेस्ड फूड खाना पड़ रहा था जो उनकी बॉडी ने अडॉप्ट नहीं किया अल्वारो सेरेजो ने लैंग का वीडियो शेयर किया है, जो वायरल हो रहा है लोग रियल लाइफ टार्जन को याद कर भावुक हो रहे हैं