दिल्ली रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर स्थित मस्जिद हटाने की उठी मांग? पड़ताल में सामने आया सच

दिल्ली रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर स्थित मस्जिद हटाने की उठी मांग? पड़ताल में सामने आया सच

क्या हो रहा है वायरल: सोशल मीडिया पर एक फोटो वायरल हो रही है। फोटो में रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर एक मस्जिद दिखाई दे रही है। दावा किया जा रहा है कि ये फोटो दिल्ली रेलवे स्टेशन की है।

कैप्शन में लिखा है, 'ये मस्जिद पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर है। किसी में हिम्मत है, इसको कब तुड़वा रहे हो या सिर्फ हनुमान मंदिर ही रास्ते का रोड़ा था तुम्हारे अरविंद केजरीवाल।'

और सच क्या है?

  • इस फोटो की सच्चाई जानने के लिए हमने इस फोटो को गूगल पर रिवर्स सर्च किया। सर्च रिजल्ट में हमें ये फोटो हिन्दू 4 यू नाम के एक ब्लॉग पर मिली।
  • ब्लॉग के मुताबिक, ये फोटो प्रयागराज (इलाहाबाद) रेलवे स्टेशन की है। ब्लॉग पर इस फोटो को 23, फरवरी] 2013 को शेयर किया था।
  • फोटो से जुड़े की-वर्ड्स सर्च करने पर हमें इस फोटो के दूसरे ऐंगल की फोटो गेटी इमेज की वेबसाइट पर मिली।
  • पड़ताल से साफ है कि ये फोटो दिल्ली रेलवे स्टेशन की नहीं बल्कि प्रयागराज स्टेशन के प्लेटफॉर्म की है। सोशल मीडिया पर किया जा रहा दावा गलत है।

मीडिया रिपोर्ट्स में दावा- नॉर्वे में वैक्सीनेशन के बाद 23 लोगों की मौत, फाइजर की वैक्सीन पर सवाल

मीडिया रिपोर्ट्स में दावा- नॉर्वे में वैक्सीनेशन के बाद 23 लोगों की मौत, फाइजर की वैक्सीन पर सवाल

कई देशों में कोरोना वायरस से निपटने के लिए वैक्सीनेशन शुरू हो गया है। इस बीच नॉर्वे से एक हैरान करने वाली खबर आई है। चीन के अखबार ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक, यहां वैक्सीन लगवाने के बाद 23 लोगों की मौत हो गई। बताया जाता है कि इन सभी को अमेरिकी कंपनी फाइजर की वैक्सीन लगाई गई थी।

नॉर्वे में नए साल के जश्न के 4 दिन बाद वैक्सीनेशन शुरू किया गया था। देश में 33 हजार लोगों को वैक्सीन दी जा चुकी है। नॉर्वे की मेडिसिन एजेंसी के अनुसार, अब तक 29 लोगों में साइड इफेक्ट दिखे हैं। 23 मरीजों की मौत हो गई है। इनमें से 13 की पुष्टि हुई है। नॉर्वे में कोरोना के 57 हजार 736 केस सामने आ चुके हैं।

मरने वालों में ज्यादातर की उम्र 80 साल से ज्यादा थी
एजेंसी के डायरेक्टर स्टाइनर मैडसेन ने कहा कि मरने वालों में ज्यादातर की उम्र 80 साल से ज्यादा थी। जांच में पाया गया कि इनमें से कई अस्पताल में एडमिट थे। कुछ लोगों ने वैक्सीन लगने के बाद बुखार और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत की थी। फिर उनकी हालत बिगड़ गई।

मैडसेन से कहा है कि ऐसे मामले बहुत रेयर हैं। हजारों लोगों को बिना किसी साइड इफेक्ट के वैक्सीन लगाई गई है। इस तरह यह माना जा सकता है कि जिन लोगों की मौत हुई, वे दिल की बीमारी या किसी अन्य गंभीर बीमारी से पीड़ित थे।

एक्सपर्ट का दावा- वैक्सीन जल्दबाजी में डेवलप की गई
रूस की न्यूज एजेंसी स्पूतनिक की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 29 लोगों में साइड इफेक्ट की सूचना आई थी। इनमें से 23 की मौत हो गई। इन्हें वैक्सीनेशन से जोड़ा जा रहा है। वहीं ग्लोबल टाइम्स ने शुक्रवार को कहा कि देश के हेल्थ एक्सपर्ट्स ने फाइजर की mRNA बेस्ड वैक्सीन का इस्तेमाल रोकने के लिए गुजारिश की है। चीन के एक्सपर्ट के मुताबिक यह वैक्सीन जल्दबाजी में डेवलप की गई थी।


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