आज का शुभ मुहुर्त और राहुकाल

आज का शुभ मुहुर्त और राहुकाल

लखनऊ आज कार्तिक शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि और शनिवार का दिन है. दशमी तिथि आज पूरा दिन पार कर कल प्रातः काल 5 बजकर 48 मिनट तक रहेगी. आज पूरा दिन पूरी रात समस्त कार्यों में सफलता दिलाने वाला रवि योग रहेगा. साथ ही आज दोपहर 3 बजकर 25 मिनट तक शतभिषा नक्षत्र रहेगा. जानिए शनिवार का पंचांग, शुभ मुहूर्त और राहुकाल.

आज के शुभ मुहूर्त-

अभिजीत मुहूर्त – प्रातः काल 11.20 बजे से दोपहर 12.04 बजे तक

अमृत काल मुहुर्त – प्रातः काल 08.04 बजे से प्रातः काल 09.42 बजे तक

विजय मुहूर्त – दोपहर 1.32 बजे से दोपहर 02.15 बजे तक

गोधूलि बेला – शाम 05.00 बजे से शाम 05.24 बजे तक

निशीथ काल – रात 11.16 बजे से मध्‍यरात्रि 00.09 (14 नवंबर) बजे तक

शुभ योग

रवि योग – पूरे दिन

सर्वार्थ सिद्धि योग – नहीं

अमृत सिद्धि योग – नहीं

द्विपुष्कर योग – नहीं

त्रिपुष्कर योग – नहीं

आज के अशुभ मुहूर्त-

गुलिक काल - प्रातः काल 06.13 बजे से प्रातः काल 07.35 बजे तक

यमगंड – दोपहर 01.04 बजे से दोपहर 02.26 बजे तक

दुष्टर्मुहूर्त – प्रातः काल 06.13 बजे से प्रातः काल 07.41 बजे तक

भद्रा – नहीं

आज का राहुकाल

लखनऊ- प्रातः काल 09:08 बजे से प्रातः काल 10:29 बजे तक

वाराणसी – प्रातः काल 08.58 बजे से प्रातः काल 10.19 बजे तक

गोरखपुर – प्रातः काल 08.58 बजे से प्रातः काल 10.18 बजे तक

प्रयागराज – प्रातः काल 09.03 बजे से प्रातः काल 10.24 बजे तक

कानपुर – प्रातः काल 09.10 बजे से प्रातः काल 10.30 बजे तक

आगरा - प्रातः काल 09.20 बजे से प्रातः काल 10.40 बजे तक

मथुरा - प्रातः काल 09.21 बजे से प्रातः काल 10.41 बजे तक

दिल्ली- प्रातः काल 09:24 बजे से प्रातः काल 10:45 बजे तक

चंड़ीगढ़- प्रातः काल 09:27 बजे से प्रातः काल 10:47 बजे तक

भोपाल- प्रातः काल 09:19 बजे से प्रातः काल 10:42 बजे तक

आज के दिन क्या करें और क्या न करें

शुक्रवार को पश्चिम दिशा में यात्रा नहीं करना चाहिए तथा अधिक आवश्यक हो तो घर से दही खाकर निकलें. इस तिथि में नारियल नहीं खाना चाहिए तथा यह तिथि आभूषण, रत्न खरीदने और धारण करने के लिए शुभ है.

राहु काल क्या है?

राहु काल या राहु कलाम दिन का सबसे प्रतिकूल समय है, जब कुछ भी शुभ करते हैं, तो कभी भी अनुकूल रिज़ल्ट नहीं देते हैं. ज्योतिषी हमेशा शुभ मुहूर्त की गणना करते हुए, दिन के इन 90 मिनटों को छोड़ देते हैं.

यमगंडम का क्या अर्थ है या यमगंड काल?

यमगंडम का अर्थ है मौत का समय, या मृत्यु का समय. यमगंडम मुहूर्त के दौरान केवल मौत अनुष्ठान और कार्यक्रम किए जाते हैं. इस समय में प्रारम्भ की गई कोई भी गतिविधि काम या उससे जुड़े अन्य पहलुओं को निराश करती है. इसलिए, यमगंडम मुहूर्त के दौरान की गई गतिविधियाँ विफलता में खत्म होती हैं या आखिरी रिज़ल्ट अक्सर बहुत अनुकूल नहीं होता है. हमेशा सलाह दी जाती है कि इस दौरान धन या यात्रा से संबंधित जरूरी गतिविधियाँ प्रारम्भ न करें.

राहु काल समय में क्या करें?

नया व्यवसाय या आयोजन प्रारम्भ करने के लिए राहु काल को शुभ नहीं माना जाता है. हालांकि, शुभ मुहूर्त में पहले से प्रारम्भ होने वाली दैनिक गतिविधियों को जारी रखने में कोई समस्या नहीं है. राहु काल में नहीं की जाने वाली चीजों में शामिल हैं- शादी संस्कार, गृहप्रवेश, पूजा और अनुष्ठान, एक नया व्यवसाय प्रारम्भ करना, और अन्य शुभ कार्य.

जब आप राहु काल के दौरान किसी शुभ घटना से बच नहीं सकते तो क्या करें?

ऐसी स्थितियों में जब आप राहु काल के दौरान जरूरी कार्यों को करने से बच नहीं सकते हैं, तो यह सलाह दी जाती है कि भगवान हनुमान को पंचामृत और गुड़ अर्पित करें और हनुमान चालीसा का पाठ करें. शुभ कार्य प्रारम्भ करने से पहले इस प्रसाद का सेवन करने से राहु के हानिकारक असर दूर रहेंगे.


बॉयलर फटने से झुलसे इतने मजदूर, पुलिस के रवैये से ग्रामीणों में नाराजगी; ये है पूरा मामला

बॉयलर फटने से झुलसे इतने मजदूर, पुलिस के रवैये से ग्रामीणों में नाराजगी; ये है पूरा मामला

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में एक दर्दनाक घटना हुई। सिखेड़ा थाना क्षेत्र में निराना के जंगल में नाला के पास पुराने टायरों से तेल निकालने के चलाए जा रहे प्लांट में बॉयलर फटने से झुलसे दो मजदूरों की अस्पताल में मौत हो गई।

वहीं पुलिस प्रकरण की जांच के बजाए मजदूरों और फैक्टरी संचालक के बीच हुए समझौता का कागज लिए बैठी रही। मृतक पुरबालियान गांव के रहने वाले थे। पुलिस के रवैये से ग्रामीणों के बीच नाराजगी है। 

निराना के जंगल में गंदे नाले के पास काफी समय से पुराने टायरों से तेल निकालने का प्लांट चलाया जा रहा है। मंसूरपुर के गांव पुरबालियान निवासी 28 वर्षीय प्रदीप पुत्र महेंद्र व 24 वर्षीय मोनू पुत्र मांगा अन्य मजदूरों के साथ प्लांट में काम कर रहे थे। प्रदीप व मोनू शुक्रवार को बॉयलर के बोल्ट खोल रहे थे, इसी बीच बायलर में जोरदार धमाका हुआ और दोनों मजदूर बायलर से निकले मलबे की चपेट में आ गए। इससे दोनों की छाती का हिस्सा बुरी तरह झुलस गया। इस दौरान अन्य सभी मजदूर मौके पर पहुंचे। 

इसके बाद उन्होंने प्लांट मालिक को सूचना दी। मालिक ने मौके पर पहुंच कर मजदूरों की मदद से झुलसे मजदूरों को गंगदासपुर प्राइवेट डॉक्टर के यहां पहुंचाया, लेकिन हालत गंभीर देखकर डॉक्टर ने दोनों को हायर सेंटर ले जाने की सलाह दी। 

दोनों को मेरठ सुभारती अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां मंगलवार को मोनू व बुधवार को प्रदीप की मौत हो गई। दोनों मजदूरों की मौत से परिजनों में रोष है। बताया गया कि गुरुवार को गणमान्य लोगों ने प्लांट मालिक से आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिलाकर पीड़ित परिजनों से समझौता करा दिया। उधर, मजदूरों में हादसे के बाद से दहशत है।

पुलिस ने साधी थी चुप्पी
बताया गया कि हादसे की सूचना पुलिस को दे दी गई थी, लेकिन पुलिस ने चुप्पी साध ली थी। गुरुवार को थाना प्रभारी का कहना है कि पुलिस को इस बारे में थाना पुलिस को कोई जानकारी नहीं दी। डायल 112 को सूचना दी थी।

प्रदूषण विभाग भी चुप
इस हादसे को लेकर प्रदूषण विभाग भी चुप है। जबकि यह प्लांट क्षेत्र में प्रदूषण फैला रहा है।