संदीप गुप्ता हत्याकांड: एटा के कस्बा अलीगंज बिज़नस मैन वर्ग में रोष, चेतावनी देकर की ये मांग

संदीप गुप्ता हत्याकांड: एटा के कस्बा अलीगंज बिज़नस मैन वर्ग में रोष, चेतावनी देकर की ये मांग

एटा के कस्बा अलीगंज निवासी सीमेंट कारोबारी संदीप गुप्ता की मर्डर के बाद बिज़नस मैन वर्ग में रोष है. मंगलवार को कस्बे में मार्केट बंद रहे.

व्यापारियों ने संदीप गुप्ता हत्याकांड की जाँच CBI से कराने की मांग की. साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो बिज़नस मैन आंदोलन करेंगे. 
सीमेंट कारोबारी संदीप गुप्ता अलीगंज के मोहल्ला चौधरी रामप्रसाद रहने वाले थे. सोमवार देर शाम को अलीगढ़ के रामघाट रोड स्थित गांधीआई तिराहा मोड़ पर उनकी मर्डर कर दी गई थी. कार सवार हमलावरों ने उन पर अंधाधुन्ध गोलियां बरसाईं थीं. उनको तीन गोलियां लगीं. उनकी मर्डर की सूचना मिलते ही लोग स्तब्ध रह गए. 
उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष प्रदीप गुप्ता ने बताया कि संदीप गुप्ता की मर्डर सुनियोजित षड्यंत्र के अनुसार की गई है. मारने वाले शूटर हैं, किसी अन्य ने घटना को अंजाम दिलाया है. संदीप गुप्ता बहुत ज्यादा सामाजिक और व्यावहारिक आदमी थे.

केंद्रीय एजेंसी से जाँच कराने की मांग
उद्योग व्यापार मंडल के जिला महामंत्री राकेश वार्ष्णेय ने बोला कि संदीप गुप्ता की मर्डर बहुत ही निंदनीय है. व्यापार जगत में प्रतिष्ठित चेहरे की मर्डर की गई है. हत्यारों की शीघ्र गिरफ्तारी कर केंद्रीय एजेंसी से जाँच करानी चाहिए. 

व्यापार मंडल मिश्रा गुट के नगर अध्यक्ष अतुल राठी ने बोला कि कारोबारी संदीप गुप्ता की मर्डर के विरोध में एटा, अलीगंज, जैथरा, धुमरी कस्बा बंद रखा गया है. बुधवार को काली पट्टी बांधकर विरोध जताएंगे. जल्द खुलासा नहीं हुआ तो आंदोलन करेंगे.

उप्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिलाध्यक्ष प्रमोद गुप्ता ने बताया कि संदीप गुप्ता की मर्डर जघन्य क्राइम है. जनपद ही नहीं प्रदेश के व्यापारियों को भी इससे गहरा धक्का लगा है. हत्यारों की शीघ्र गिरफ्तारी की जाए और मुद्दे की CBI जाँच कराई जाए.


बॉयलर फटने से झुलसे इतने मजदूर, पुलिस के रवैये से ग्रामीणों में नाराजगी; ये है पूरा मामला

बॉयलर फटने से झुलसे इतने मजदूर, पुलिस के रवैये से ग्रामीणों में नाराजगी; ये है पूरा मामला

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में एक दर्दनाक घटना हुई। सिखेड़ा थाना क्षेत्र में निराना के जंगल में नाला के पास पुराने टायरों से तेल निकालने के चलाए जा रहे प्लांट में बॉयलर फटने से झुलसे दो मजदूरों की अस्पताल में मौत हो गई।

वहीं पुलिस प्रकरण की जांच के बजाए मजदूरों और फैक्टरी संचालक के बीच हुए समझौता का कागज लिए बैठी रही। मृतक पुरबालियान गांव के रहने वाले थे। पुलिस के रवैये से ग्रामीणों के बीच नाराजगी है। 

निराना के जंगल में गंदे नाले के पास काफी समय से पुराने टायरों से तेल निकालने का प्लांट चलाया जा रहा है। मंसूरपुर के गांव पुरबालियान निवासी 28 वर्षीय प्रदीप पुत्र महेंद्र व 24 वर्षीय मोनू पुत्र मांगा अन्य मजदूरों के साथ प्लांट में काम कर रहे थे। प्रदीप व मोनू शुक्रवार को बॉयलर के बोल्ट खोल रहे थे, इसी बीच बायलर में जोरदार धमाका हुआ और दोनों मजदूर बायलर से निकले मलबे की चपेट में आ गए। इससे दोनों की छाती का हिस्सा बुरी तरह झुलस गया। इस दौरान अन्य सभी मजदूर मौके पर पहुंचे। 

इसके बाद उन्होंने प्लांट मालिक को सूचना दी। मालिक ने मौके पर पहुंच कर मजदूरों की मदद से झुलसे मजदूरों को गंगदासपुर प्राइवेट डॉक्टर के यहां पहुंचाया, लेकिन हालत गंभीर देखकर डॉक्टर ने दोनों को हायर सेंटर ले जाने की सलाह दी। 

दोनों को मेरठ सुभारती अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां मंगलवार को मोनू व बुधवार को प्रदीप की मौत हो गई। दोनों मजदूरों की मौत से परिजनों में रोष है। बताया गया कि गुरुवार को गणमान्य लोगों ने प्लांट मालिक से आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिलाकर पीड़ित परिजनों से समझौता करा दिया। उधर, मजदूरों में हादसे के बाद से दहशत है।

पुलिस ने साधी थी चुप्पी
बताया गया कि हादसे की सूचना पुलिस को दे दी गई थी, लेकिन पुलिस ने चुप्पी साध ली थी। गुरुवार को थाना प्रभारी का कहना है कि पुलिस को इस बारे में थाना पुलिस को कोई जानकारी नहीं दी। डायल 112 को सूचना दी थी।

प्रदूषण विभाग भी चुप
इस हादसे को लेकर प्रदूषण विभाग भी चुप है। जबकि यह प्लांट क्षेत्र में प्रदूषण फैला रहा है।