बीजेपी को राम मंदिर निर्माण से कितना लाभ और लखीमपुर खीरी काण्ड से कितना नुकसान, वोटर क्या बोले?

बीजेपी को राम मंदिर निर्माण से कितना लाभ और लखीमपुर खीरी काण्ड से कितना नुकसान, वोटर क्या बोले?

UP Elections: यूपी विधानसभा चुनावों की रणभेरी बज चुकी है चुनाव तो अगले वर्ष होने हैं, लेकिन तमाम सियासी पार्टियां होमवर्क में जुट गई हैं उम्मीदवारों के चुनाव से लेकर गठबंधन की पॉलिटिक्स जोरो-शोरों से चल रही है इस बीच मीडिया ने सी-वोटर के साथ मिलकर एक सर्वे किया और ये मालूम करने की प्रयास की कि आखिर जनता का मूड क्या है जनता किसे गद्दी सौंपने के बारे में सोच रही है जब उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले हम नब्ज टटोलने जनता के बीच पहुंचे तो कई प्रश्न पूछे, जिसमें से एक था कि बीजेपी को राम मंदिर निर्माण से कितना लाभ और लखीमपुर खीरी काण्ड से कितना नुकसान होगा?

करीब 60 फीसदी लोगों ने बोला कि अयोध्या में राम मंदिर बनने से भाजपा को चुनाव में लाभ होगा वहीं 40 फीसदी ने ना कहा लखीमपुर काण्ड को लेकर भाजपा पर विपक्षी दलों ने सीधा हमला बोला . जब लोगों से पूछा गया कि भाजपा को लखीमपुर काण्ड से कितना लाभ कितना नुकसान होगा तो 22 प्रतिशत लोगों ने बोला कि इससे भाजपा को लाभ होगा वहीं 62 प्रतिशत लोगों का बोलना था कि भाजपा को नुकसान झेलना पड़ेगा वहीं 16 फीसदी लोगों ने बोला कि इसका कोई प्रभाव नहीं होगा

इसके अतिरिक्त जब सर्वे में जनता से पूछा गया कि क्या प्रियंका गांधी की सक्रियता से कांग्रेस पार्टी को उत्तर प्रदेश में लाभ होगा? इस पर 53 फीसदी लोगों ने उत्तर ना में दिया जबकि 47 प्रतिशत लोग मानते हैं कि कांग्रेस पार्टी महासचिव की सक्रियता पार्टी को सूबे में लाभ पहुंचाएगी

एबीपी न्यूज-सी वोटर सर्वे में उत्तर प्रदेश का कैसा था मिजाज

एबीपी न्यूज सी-वोटर सर्वे के अनुसार भाजपा की एक बार फिर सत्ता में वापसी हो सकती है उत्तर प्रदेश में कुल 403 सीटें हैं भाजपा को 213-221 सीटें मिल सकती हैं वहीं समाजवादी पार्टी को 152-160 के बीच संतोष करना पड़ सकता है बीएसपी को 16-20, कांग्रेस पार्टी को 6-10 और अन्य को 2-6 के बीच सीटें मिल सकती हैं

सर्वे के अनुसार नवंबर में 41.4 फीसदी लोग योगी आदित्यनाथ को दोबारा सीएम देखना चाहते हैं जबकि सपा सुप्रीमो अखिलेश 31.7 फीसदी लोगों की पसंद हैं मायावती को 15.6 फीसदी लोग सीएम बनते देखना चाहते हैं प्रियंका गांधी को 4.9 फीसदी लोगों ने पसंद किया जयंत चौधरी को 2.2 फीसदी लोग सीएम देखना चाहते हैं जबकि 4.4 फीसदी लोग चाहते हैं कि इनमें से नहीं बल्कि कोई और उत्तर प्रदेश की कमान संभाले


बॉयलर फटने से झुलसे इतने मजदूर, पुलिस के रवैये से ग्रामीणों में नाराजगी; ये है पूरा मामला

बॉयलर फटने से झुलसे इतने मजदूर, पुलिस के रवैये से ग्रामीणों में नाराजगी; ये है पूरा मामला

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में एक दर्दनाक घटना हुई। सिखेड़ा थाना क्षेत्र में निराना के जंगल में नाला के पास पुराने टायरों से तेल निकालने के चलाए जा रहे प्लांट में बॉयलर फटने से झुलसे दो मजदूरों की अस्पताल में मौत हो गई।

वहीं पुलिस प्रकरण की जांच के बजाए मजदूरों और फैक्टरी संचालक के बीच हुए समझौता का कागज लिए बैठी रही। मृतक पुरबालियान गांव के रहने वाले थे। पुलिस के रवैये से ग्रामीणों के बीच नाराजगी है। 

निराना के जंगल में गंदे नाले के पास काफी समय से पुराने टायरों से तेल निकालने का प्लांट चलाया जा रहा है। मंसूरपुर के गांव पुरबालियान निवासी 28 वर्षीय प्रदीप पुत्र महेंद्र व 24 वर्षीय मोनू पुत्र मांगा अन्य मजदूरों के साथ प्लांट में काम कर रहे थे। प्रदीप व मोनू शुक्रवार को बॉयलर के बोल्ट खोल रहे थे, इसी बीच बायलर में जोरदार धमाका हुआ और दोनों मजदूर बायलर से निकले मलबे की चपेट में आ गए। इससे दोनों की छाती का हिस्सा बुरी तरह झुलस गया। इस दौरान अन्य सभी मजदूर मौके पर पहुंचे। 

इसके बाद उन्होंने प्लांट मालिक को सूचना दी। मालिक ने मौके पर पहुंच कर मजदूरों की मदद से झुलसे मजदूरों को गंगदासपुर प्राइवेट डॉक्टर के यहां पहुंचाया, लेकिन हालत गंभीर देखकर डॉक्टर ने दोनों को हायर सेंटर ले जाने की सलाह दी। 

दोनों को मेरठ सुभारती अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां मंगलवार को मोनू व बुधवार को प्रदीप की मौत हो गई। दोनों मजदूरों की मौत से परिजनों में रोष है। बताया गया कि गुरुवार को गणमान्य लोगों ने प्लांट मालिक से आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिलाकर पीड़ित परिजनों से समझौता करा दिया। उधर, मजदूरों में हादसे के बाद से दहशत है।

पुलिस ने साधी थी चुप्पी
बताया गया कि हादसे की सूचना पुलिस को दे दी गई थी, लेकिन पुलिस ने चुप्पी साध ली थी। गुरुवार को थाना प्रभारी का कहना है कि पुलिस को इस बारे में थाना पुलिस को कोई जानकारी नहीं दी। डायल 112 को सूचना दी थी।

प्रदूषण विभाग भी चुप
इस हादसे को लेकर प्रदूषण विभाग भी चुप है। जबकि यह प्लांट क्षेत्र में प्रदूषण फैला रहा है।