एयरफोर्स के विमान में पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर उतरेंगे पीएम मोदी, 16 नवंबर को होगा उद्घाटन

एयरफोर्स के विमान में पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर उतरेंगे पीएम मोदी, 16 नवंबर को होगा उद्घाटन

नई दिल्ली/लखनऊ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16 नवंबर को उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर में भारतीय एयरफोर्स के विमान में पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर लैंड करेंगे. भारतीय एयरफोर्स के विमान वहां एयरशो भी करेंगे. लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर चाइना के साथ तनाव के बीच हिंदुस्तान अपनी तैयारियां मजबूत कर रहा है. युद्ध की स्थिति या प्राकृतिक आपदा की स्थिति में भारतीय एयरफोर्स के विमानों की इमरजेंसी लैंडिंग के लिए नैशनल हाइवे और स्टेट हाइवे पर एयर स्ट्रिप तैयार की जा रही है. 16 नवंबर को पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर इसी तरह की इमरजेंसी एयर स्ट्रिप पर पीएम उतरेंगे. प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर एक घंटे 45 मिनट तक रहेंगे.

सूत्रों के मुताबिक, भारतीय एयरफोर्स के ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट C-130 j सुपर हरक्यूलिस से पीएम वहां लैंड करेंगे. साथ ही एक्सप्रेस हाइवे का उद्घाटन करेंगे. इसी इमरजेंसी एयर स्ट्रिप पर फिर फाइटर जेट के मिराज-2000 भी लैंड करेगा. ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट C-130 j विमान से भारतीय एयरफोर्स के गरुड कमांडो और स्पेशल फोर्स के कमांडोज की इंसरशन ड्रिल (वहां ड्रॉप करना) भी दिखाई जाएगी. फाइटर एयरक्राफ्ट सुखोई, जगुआर और मिराज फ्लाईपास्ट करेंगे साथ ही सूर्य किरण एरोबैटिक टीम भी आसमान में अपना कमाल दिखाएगी.




इससे पहले उत्तर प्रदेश में दो बार एक्‍सप्रेस वे पर उतर चुका है विमान
कार्यक्रम के बाद एक्सप्रेसवे से ही पीएम को लेकर C-130 एयरक्राफ्ट टेकऑफ करेगा. उत्तर प्रदेश में इससे पहले दो बार एक्सप्रेस वे पर एयरफोर्स के विमान को उतारा गया था. 2016 में दिल्ली आगरा और 2017 में लखनऊ आगरा एक्सप्रेस हाइवे पर यह ड्रिल की गई थी. कुछ समय पहले ही बाड़मेर में नैशनल हाइवे पर इमरजेंसी लैंडिंग स्ट्रिप में भारतीय एयरफोर्स के विमान को उतारा गया था. भिन्न-भिन्न राज्यों में नेशनल हाइवे पर इमरजेंसी लैंडिंग स्ट्रिप तैयार की जा रही है. राजस्थान में 3, आंध्र प्रदेश में 2, गुजरात में 2 ,पश्चिम बंगाल में 3 , तमिलनाडु में 1 , हरियाणा में 1 , पंजाब में 1 , जम्मू कश्मीर में 1 और असम में 5 इमरजेंसी लैंडिंग स्ट्रिप बन रही हैं.


क्‍यों पड़ी इमरजेंसी लैंडिंग स्ट्रिप की जरूरत?
दरअसल युद्ध के समय शत्रु का निशाना एयरफोर्स के एसेस्ट्स और एयरबेस होते हैं ताकि एयरक्राफ्ट उड़ान न भर पाएं. इमरजेंसी लैंडिंग स्ट्रिप ऐसे समय की ही तैयारी हैं. युद्ध के समय कोई भी देश शत्रु के रनवे को निशाना बनाने की प्रयास करता है ताकि विमान उड़ान न भर पाएं. इसलिए ऐसी तैयारी की जाती है कि विमान रनवे न होने की स्थिति में सड़कों से भी उड़ान भर सकें और लैंड कर सकें. 3 दिसंबर 1971 को पाक ने एक साथ भारतीय एयरफोर्स के 12 एयरबेस को निशाना बनाया था और 180 से भी अधिक बॉम गिराए थे. वेस्टर्न एरिया में भारतीय एयरफोर्स के कुछ एयरक्राफ्ट का नुकसान भी हुआ और भारतीय एयरफोर्स ने रातों-रात रनवे को रिपेयर किया.


बॉयलर फटने से झुलसे इतने मजदूर, पुलिस के रवैये से ग्रामीणों में नाराजगी; ये है पूरा मामला

बॉयलर फटने से झुलसे इतने मजदूर, पुलिस के रवैये से ग्रामीणों में नाराजगी; ये है पूरा मामला

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में एक दर्दनाक घटना हुई। सिखेड़ा थाना क्षेत्र में निराना के जंगल में नाला के पास पुराने टायरों से तेल निकालने के चलाए जा रहे प्लांट में बॉयलर फटने से झुलसे दो मजदूरों की अस्पताल में मौत हो गई।

वहीं पुलिस प्रकरण की जांच के बजाए मजदूरों और फैक्टरी संचालक के बीच हुए समझौता का कागज लिए बैठी रही। मृतक पुरबालियान गांव के रहने वाले थे। पुलिस के रवैये से ग्रामीणों के बीच नाराजगी है। 

निराना के जंगल में गंदे नाले के पास काफी समय से पुराने टायरों से तेल निकालने का प्लांट चलाया जा रहा है। मंसूरपुर के गांव पुरबालियान निवासी 28 वर्षीय प्रदीप पुत्र महेंद्र व 24 वर्षीय मोनू पुत्र मांगा अन्य मजदूरों के साथ प्लांट में काम कर रहे थे। प्रदीप व मोनू शुक्रवार को बॉयलर के बोल्ट खोल रहे थे, इसी बीच बायलर में जोरदार धमाका हुआ और दोनों मजदूर बायलर से निकले मलबे की चपेट में आ गए। इससे दोनों की छाती का हिस्सा बुरी तरह झुलस गया। इस दौरान अन्य सभी मजदूर मौके पर पहुंचे। 

इसके बाद उन्होंने प्लांट मालिक को सूचना दी। मालिक ने मौके पर पहुंच कर मजदूरों की मदद से झुलसे मजदूरों को गंगदासपुर प्राइवेट डॉक्टर के यहां पहुंचाया, लेकिन हालत गंभीर देखकर डॉक्टर ने दोनों को हायर सेंटर ले जाने की सलाह दी। 

दोनों को मेरठ सुभारती अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां मंगलवार को मोनू व बुधवार को प्रदीप की मौत हो गई। दोनों मजदूरों की मौत से परिजनों में रोष है। बताया गया कि गुरुवार को गणमान्य लोगों ने प्लांट मालिक से आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिलाकर पीड़ित परिजनों से समझौता करा दिया। उधर, मजदूरों में हादसे के बाद से दहशत है।

पुलिस ने साधी थी चुप्पी
बताया गया कि हादसे की सूचना पुलिस को दे दी गई थी, लेकिन पुलिस ने चुप्पी साध ली थी। गुरुवार को थाना प्रभारी का कहना है कि पुलिस को इस बारे में थाना पुलिस को कोई जानकारी नहीं दी। डायल 112 को सूचना दी थी।

प्रदूषण विभाग भी चुप
इस हादसे को लेकर प्रदूषण विभाग भी चुप है। जबकि यह प्लांट क्षेत्र में प्रदूषण फैला रहा है।