वैक्सीन पहुंची लखनऊ, टीका की पहली खेप रखी जाएगी यहां

वैक्सीन पहुंची लखनऊ, टीका की पहली खेप रखी जाएगी यहां

लखनऊ: प्रदेश में कोरोना वैक्सीन की पहली खेप आज लखनऊ पहुंची। इसके बाद अब 16 जनवरी को इसके लगाने का काम शुरू किया जाएगा। इससे पहले उसी दिन वैक्सीन को प्रदेश के 8 स्थानों पर स्टोर करके संबंधित सीएचसी पीएचसी में भेजा जायेगा। वैक्सीन स्टाॅक के लिए राजधानी लखनऊ में 1298 केन्द्र बनाये गये हैं।

ये है वैक्सीनेशन का प्लान
पहले चरण में स्वास्थ्य कर्मियों, इसके बाद फ्रंट लाइन कर्मियों जैसे पुलिस कर्मचारी, नगर निगम कर्मचारी, राजस्व विभाग के कर्मचारी और सशक्त बलों के अधिकारी व कर्मचारी तथा उसके बाद 50 वर्ष से अधिक आयु वाले एवं 50 वर्ष से कम आयु वाले जो किसी गम्भीर बीमारी से ग्रस्त है उनको वैक्सीन लगायी जायेगी।

सरकार ने दी ये हिदायत
राज्य सरकार की तरफ से कहा गया है कि सभी लोग मास्क पहनें, हाथ साबुन-पानी से धोते रहें तथा लोगों से दो गज की दूरी बनाये रखें। कोविड प्रोटोकाॅल का पालन करते हुए पहले से बीमार बुजुर्गों, बच्चों, गर्भवती महिलाओं को संक्रमण से बचाये। अपर मुख्य सचिव अमित प्रसाद ने बताया कि प्रदेश में अब तक 2 करोड़ 55 लाख से अधिक टेस्ट किये जा चुके है जिनमें 45 प्रतिशत टेस्ट आरटीपीसीआर के माध्यम से किये गये है। इतनी बड़ी संख्या में टेस्ट देश में उत्तर प्रदेश के अलावा किसी अन्य प्रदेश में नहीं किये जा रहे है।

अपर मुख्य सचिव ने बताया कि केन्द्र सरकार की तरफ से जारी गाइडलाइन के अनुसार कोविड वैक्सीनेशन का काम शुरू किया जायेगा। इसमें किसी भी प्रकार का कोई भी बदलाव नहीं किया जायेगा। वैक्सीन लक्षित समूहों को लगाने की कार्यवाही करते हुए, पहले राउन्ड में स्वास्थ्य कर्मियों को वैक्सीन लगायी जायेगी।


भूगर्भ जल रिचार्ज के लिए सीएम योगी करा रही चेकडैम-तालाबों का निर्माण

भूगर्भ जल रिचार्ज के लिए सीएम योगी करा रही चेकडैम-तालाबों का निर्माण

पीलीभीत: जल और जीवन एक-दूसरे के पूरक हैं। जहां जल है वहां जीवन है। यदि जल नहीं तो जीवन नहीं। जल से ही जीव-जन्तु, पेड़-पौधों आदि की उत्पत्ति एवं विकास होता है। आज बढ़ती हुई जनसंख्या एवं औद्योगीकरण के कारण भूजल का दोहन अधिक हो रहा है। भूगर्भ जल के स्तर में धीरे-धीरे कमी आ रही है।

जागरूकता के लिए 5 योजनाएं
प्रदेश में गिरते भूगर्भ जल स्तर में सुधार तथा भूगर्भ जल के नियोजित विकास एवं प्रबंधन के साथ भूजल से सम्बंधित समस्याओं के अध्ययन एवं भूजल संरक्षण हेतु जन जागरूकता के लिए 05 योजनाएं यथा-भूगर्भ जल सर्वेक्षण का विकास, आंकलन एवं सुदृढ़ीकरण, शासकीय भवनों पर रूफटाप रेनवाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली की स्थापना, भूजल संसाधनों की गुणवत्ता का अनुश्रवण एवं मैपिंग, भूजल जन-जागरूकता एवं प्रचार-प्रसार तथा राज्य भूजल भवन की स्थापना तथा नये पीजोमीटर की स्थापना की नवीन योजनायें प्रस्तावित हैं। प्रदेश में भूजल संसाधनों की सुरक्षा, संरक्षण, प्रबन्धन एवं विनियमन के दृष्टिगत उ0प्र0 भूगर्भ जल (प्रबन्धन एवं विनियमन) अधिनियम-2019 लागू किया गया है।

जलस्तर बढ़ाने की योजनाएं संचालित
प्रदेश सरकार भूजल के गिरते स्तर को सामान्य लाने के लिए सम्बंधित क्षेत्रों में वर्षा जल को रोकने के लिए बन्धियां/चेकडैम, बांध, तालाब, पोखरों आदि का निर्माण कराकर जलस्तर बढ़ाने की योजनाएं संचालित की हैं। घरों तथा शासकीय भवनों में रूफटाप रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली की योजना संचालित है। जिसके अन्तर्गत शासकीय भवनों एवं निजी घरों के छतों से आने वाले वर्षा के पानी को खोदे गये गड्ढों/हार्वेस्टिंग प्रणाली में एकत्रित कर भूगर्भ जल रिचार्ज में अभिवृद्धि की जा रही है।

प्रदेश के डार्क घोषित विकास खण्डों में सरकार द्वारा बंधियां, चेकडैम, तालाबों का निर्माण कराया जा रहा है। भूगर्भ जल रिचार्ज में अभिवृद्धि हेतु स्थानीय नदी, नालों, एवं वर्षा के जलबहाव वाले स्थलों पर चेकडैम बनाकर वर्षा जल को रोकते हुए भूगर्भ जल स्तर को बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रदेश में अब तक विभिन्न नदियों , नालों आदि पर 351 से अधिक चेकडैम बनाये गये हैं। जिनपर प्रदेश सरकार द्वारा 131.40 करोड़ रूपये व्यय किया गया है।

तालाबों पर विशेष ध्यान
प्रदेश सरकार द्वारा वर्षा जल संचयन एवं भूजल संवर्द्धन के अन्तर्गत क्रिटिकल तथा अतिदोहित चयनित विकास खण्डों में भूजल संवर्द्धन, सिंचाई, मछली पालन, पशुओं के लिए पीने का पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने आदि कार्यों हेतु तालाबों का निर्माण/जीर्णोद्धार कराया जा रहा है। तालाबों के पुनर्विकास एवं प्रबंधन हेतु 01 हे0 से 05 हेक्टेयर क्षेत्रफल तक के तालाबों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।   प्रदेश सरकार ने वर्ष 2019-20 में 47.60 करोड़ रू0 व्यय करते हुए 118 तालाबों का निर्माण कराया है तथा वित्तीय वर्ष 2020-21 में 48 करोड़ रू0 व्यय करते हुए अब तक 117 तालाबों का निर्माण/जीर्णोद्धार कराया गया है। प्रदेश सरकार भूगर्भ जल के स्तर में वृद्धि करते हुए कृषि उत्पादन में वृद्धि हेतु कृत संकल्पित है। इस दिशा में प्रदेश सरकार द्वारा कराये जा रहे कार्य सराहनीय हैं।


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