IND vs NZ: टेस्ट टीम में चयनकर्ताओं के 'साहसिक' फैसले, फिर उठने लगे हैं प्रश्न

IND vs NZ: टेस्ट टीम में चयनकर्ताओं के 'साहसिक' फैसले, फिर उठने लगे हैं प्रश्न

नई दिल्ली
चेतन शर्मा की अगुआई वाली राष्ट्रीय चयन समिति ने शुक्रवार को दंग करने वाला निर्णय लिया. हनुमा विहारी को डिमोट कर हिंदुस्तान 'ए' के साउथ अफ्रीका दौरे पर जाने वाली टीम में शामिल कर लिया वहीं न्यूजीलैंड के विरूद्ध होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए श्रेयस अय्यर को स्थान दी. हिंदुस्तान और न्यूजीलैंड के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज 25 नवंबर से कानपुर में प्रारम्भ होगी. वहीं, विहारी का नाम साउथ अफ्रीका दौरे की हिंदुस्तान ए टीम की घोषणा के तीन दिन बाद इसमें जोड़ा गया.

हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया ने गुरुवार को ही यह समाचार ब्रेक की थी कि अजिंक्य रहाणे ही विराट कोहली और रोहित शर्मा की अनुपस्थिति में भारतीय टीम का पहले टेस्ट में नेतृत्व करेंगे. विराट कोहली 3 दिसंबर से मुंबई में प्रारम्भ होने वाले दूसरे टेस्ट मैच के लिए टीम के साथ जुड़ जाएंगे. ऋषभ पंत और शार्दुल ठाकुर को पूरी सीरीज के लिए आराम दिया जाएगा, यह समाचार भी टाइम्स ऑफ इंडिया ने दी थी.



टी20 वर्ल्ड कप की टीम को लेकर चयन समिति पर पहले से ही प्रश्न उठ रहे हैं. इसके बाद टेस्ट और ए टीम के चयन के बाद उनसे कई और प्रश्न भी पूछे जा सकते हैं. विहारी, जिनकी पिछली पारी सिडनी में थी, स्वयं को दुर्भाग्यशाली समझेंगे. उनकी उस जुझारू पारी ने हिंदुस्तान को ऑस्ट्रेलिया के विरूद्ध सिडनी टेस्ट ड्रॉ करवाने में सहायता की थी. विहारी को आशा थी कि यदि उन्हें टीम में शामिल किया जाता तो वह घरेलू धरती पर कुछ और रन बना लेते.

रहाणे और पुजारा, जो वैसे फॉर्म हासिल करने की जद्दोजेहद में लगे हैं, को सीरीज की आरंभ में कैप्टन और उपकप्तान बनाया गया है.


मिडल-ऑर्डर बैकअप को करना है तैयार
टाइम्स ऑफ इंडिया को समाचार मिली है कि विहारी को हिंदुस्तान 'ए' टीम के साथ साउथ अफ्रीका भेजने के पीछे उद्देश्य यह है कि उन्हें वहां की परिस्थितियों के साथ तालमेल बैठाने का समय मिल जाए. इसका लाभ यह होगा कि जब भारतीय टीम जब दिसंबर में तीन टेस्ट मैच खेलने के लिए साउथ अफ्रीका जाएगी तो विहारी उपयोगी साबित हो सकते हैं. पृथ्वी साव भी 'ए' टीम का भाग हैं.




श्रेयर ने करीब ढाई वर्ष से टेस्ट मैच नहीं खेला है. लेकिन टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार सिलेक्टर्स पुजारा और रहाणे का विकल्प तैयार करने को लेकर बहुत गंभीर हैं.

अय्यर को एक संभावित उम्मीदवार के तौर पर देखा जा रहा है और नए कोच राहुल द्रविड़ को इससे इस बात का अंदाजा लग जाएगा कि अय्यर टेस्ट मैच में किस तरह का खेल दिखा सकते हैं. इसके साथ ही यह भी थिअरी चल रही है कि आवश्यकता पड़ने पर शुभमन गिल क्रिकेट के इस सबसे लंबे फॉर्मेट में मिडल ऑर्डर में भी बल्लेबाजी कर सकते हैं. गिल ने घरेलू क्रिकेट में मिडल-ऑर्डर में अच्छा प्रदर्शन किया है.



सिलेक्टर्स के एक करीबी सूत्र ने हमारे सहयोगी टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, 'हमें यह बात भी ध्यान रखनी चाहिए कि द्रविड़ किसी बड़े विदेशी दौरे से पहले एक 'ए' टूर के पक्षधर रहे हैं. वैसे भी, साउथ अफ्रीका में एक बड़ी टीम जाएगी. इससे विहारी और साव को वहां की हालात में ढलने का पर्याप्त समय और मौका मिलेंगे. और यदि वह अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो उन्हें साउथ अफ्रीका में टेस्ट टीम में शामिल कर लिया जाएगा. वैसे भारतीय टीम को हिंदुस्तान में नंबर 7 तक जानकार बल्लेबाज की आवश्यकता नहीं होती है. रविंद्र जडेजा बल्लेबाजी क्रम में ऊपर बल्लेबाजी कर सकते है और रविचंद्रन अश्विन भी भारतीय पिचों पर अच्छा खेल दिखाते आए हैं.'

आश्चर्य की बात है कि हरियाणा के ऑफ स्पिनर जयंत यादव को भी टेस्ट टीम में शामिल किया गया है. यादव घरेलू क्रिकेट में भी बहुत बहुत बढ़िया खेल नहीं दिखा रहे हैं, वहीं पिछले कुछ वर्ष से बहुत बढ़िया फॉर्म में चल रहे कर्नाटक के ऑफ स्पिनर कृष्णप्पा गौतम को हिंदुस्तान 'ए' टीम में चुना गया है हालांकि यादव ने रणजी ट्रोफी में फरवरी 2020 में 58 रन देकर सात विकेट लिए थे लेकिन उस सीजन में उन्होंने केवल दो मैच खेले थे.


इंडिया 'ए' को लेकर बोल्ड फैसले
विहारी को शामिल करने के अतिरिक्त सिलेक्टर्स ने अंडर-19 के वर्ल्ड कप विजेता कैप्टन बाबा अपराजित को भी इंडिया 'ए' की टीम में शामिल किया है. अपराजित बीते कुछ वर्ष में घरेलू क्रिकेट में बहुत अच्छा खेल नहीं दिखा पाए हैं. पिछले रणजी सीजन में उन्होंने 8 मैचों में 292 रन बनाए. विजय हजारे ट्रोफी में उन्होंने 43.40 के औसत से 217 रन बनाए. हालांकि अपराजित ऐसे बल्लेबाज हैं जो गेंदबाजी भी कर सकते हैं और यह बात उनके पक्ष में जाती है.


बेहद सरलता से आउट हुए विराट कोहली रह गए दंग, देखें VIDEO

बेहद सरलता से आउट हुए विराट कोहली रह गए दंग, देखें VIDEO

सेंचुरियन2018 में भारतीय टीम साउथ अफ्रीका दौरे पर गई थी. जोहानिसबर्ग में टीम इंडिया को नेट प्रैक्टिस में बॉलिंग करने के लिए कुछ लोकल गेंदबाजों को बुलाया गया था. उसमें दो जुड़वा भाई थे. उनमें से एक 17 वर्षीय ने भारतीय इंटरनेशनल क्रिकेटरों को खूब परेशान किया था.

अब आप सोच रहे हैं हम यहां 2018 दौरे और नेट बॉलर की बात क्यों कर रहे हैं? तो बता दें कि उसी नेट बॉलर मार्को जेनसेन ने को सेंचुरियन टेस्ट की दूसरी पारी में 18 रनों पर आउट कर दिया.

बॉक्सिंग डे टेस्ट के चौथे दिन लंच के बाद पहले ही ओवर की पहली गेंद पर विराट कोहली अपना विकेट गंवा बैठे. डेब्यू स्टार मार्को की गेंद गुड लेंथ पर टप्पा खाने के बाद ऑफ स्टंप से बहुत ज्यादा बाहर निकल रही थी और कोहली बल्ला अड़ा बैठे. बाकी का कार्य विकेट के पीछे खड़े क्विंटन डि कॉक ने पूरा किया. बहुत सरलता से कोहली का सीधा कैच लपक लिया. कोहली आउट होने के बाद दंग दिखे. कुछ देर तक वहीं खड़े रह गए.

विराट कोहली के लिए पिछले दो साल संघर्ष वाले रहे हैं. उन्होंने अपना अंतिम शतक बांग्लादेश के विरूद्ध 2019 में लगाया था. उसके बाद से वह कोई बड़ी पारी नहीं खेल सके. सेंचुरियन टेस्ट की बात करेंगे तो यहा वह पहली पारी में भी ऐसे ही हाउट हुए थे.

2021 की बात करें तो कोहली ने 11 टेस्ट में महज 28.21 की औसत से 536 रन बनाए. इस दौरान उनके नाम 4 अर्धशतक रहे, जबकि बेस्ट स्कोर 72 रहा. बेकार फॉर्म की वजह से ही उन्हें टी-20 टीम की कप्तानी छोड़नी पड़ी, जबकि बाद में बीसीसीआई ने वनडे की कप्तानी से भी हटाने का निर्णय किया.


गौरतलब है कि हिंदुस्तान ने अपनी दूसरी पारी में 174 रन बनाकर दक्षिण अफ्रीका के सामने 305 रन का लक्ष्य रखा. हिंदुस्तान ने पहली पारी में 327 रन बनाकर दक्षिण अफ्रीका को 197 रन पर आउट करके 130 रन की बढ़त हासिल की थी. हिंदुस्तान की तरफ से दूसरी पारी में ऋषभ पंत ने सर्वाधिक 34 रन बनाए. दक्षिण अफ्रीका के लिए कागिसो रबाडा और मार्को जेनसेन ने चार-चार जबकि लुंगी एनगिडी ने दो विकेट लिए.