सेंचुरियन टेस्ट: साउथ अफ्रीका के सामने मुश्किल लक्ष्य, जीत के बेहद करीब भारत

सेंचुरियन टेस्ट: साउथ अफ्रीका के सामने मुश्किल लक्ष्य, जीत के बेहद करीब भारत

भारत ने सेंचुरियन टेस्ट में साउथ अफ्रीका के सामने जीत के लिए 305 रन का लक्ष्य रखा है. हिंदुस्तान की दूसरी पारी 174 रन पर सिमट गई. अतिथि टीम के पास पहली पारी में 130 रन की बढ़त थी ऐसे में उसने साउथ अफ्रीका के सामने एक मुश्किल लक्ष्य रखा है. आंकड़ों की बात करें तो मेजबान टीम के लिए राह बहुत मुश्किल होने वाली है.

आंकड़ों की बात करें तो हिंदुस्तान के विरूद्ध टेस्ट क्रिकेट में 250 रन से अधिक का लक्ष्य केवल दो बार ही सफलतापूर्वक हासिल किया जा सका है. यानी भारतीय बॉलिंग ज्यादातर मौकों पर विपक्षी टीम को यह स्कोर देने के बाद जीतने नहीं देती है.

21 दिसंबर 1977 को पर्थ में ऑस्ट्रेलिया ने 8 विकेट पर 342 रन बनाए थे. इसके अतिरिक्त वेस्टइंडीज ने 29 नवंबर 1987 को 5 विकेट पर 276 रन बनाए थे.

सेंचुरियन की बात करें तो इस मैदान पर हिंदुस्तान ने इससे पहले दो टेस्ट मैच खेले थे और दोनो में उसे हार मिली थी. हिंदुस्तान को 2010 और 2018 में इस मैदान पर साउथ अफ्रीका ने हराया था.

भारतीय टीम के कैप्टन विराट कोहली ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय किया. सलामी बल्लेबाज केएल राहुल ने बहुत बढ़िया सेंचुरी बनाई. उन्होंने 123 रन की पारी खेली. इसके अतिरिक्त मयंक अग्रवाल ने भी 60 रन बनाए.

इसके बाद बोलर्स ने अच्छा प्रदर्शन किया. साउथ अफ्रीका की टीम 197 रन ऑल आउट हो गई. मोहम्मद शमी ने पांच विकेट लिए और जसप्रीत बुमराह और शार्दुल ठाकुर ने दो-दो विकेट लिए. इसके बाद हिंदुस्तान ने दूसरी पारी में 174 रन बनाए. यहां ऋषभ पंत ने 34 रन बनाए.


बेहद सरलता से आउट हुए विराट कोहली रह गए दंग, देखें VIDEO

बेहद सरलता से आउट हुए विराट कोहली रह गए दंग, देखें VIDEO

सेंचुरियन2018 में भारतीय टीम साउथ अफ्रीका दौरे पर गई थी. जोहानिसबर्ग में टीम इंडिया को नेट प्रैक्टिस में बॉलिंग करने के लिए कुछ लोकल गेंदबाजों को बुलाया गया था. उसमें दो जुड़वा भाई थे. उनमें से एक 17 वर्षीय ने भारतीय इंटरनेशनल क्रिकेटरों को खूब परेशान किया था.

अब आप सोच रहे हैं हम यहां 2018 दौरे और नेट बॉलर की बात क्यों कर रहे हैं? तो बता दें कि उसी नेट बॉलर मार्को जेनसेन ने को सेंचुरियन टेस्ट की दूसरी पारी में 18 रनों पर आउट कर दिया.

बॉक्सिंग डे टेस्ट के चौथे दिन लंच के बाद पहले ही ओवर की पहली गेंद पर विराट कोहली अपना विकेट गंवा बैठे. डेब्यू स्टार मार्को की गेंद गुड लेंथ पर टप्पा खाने के बाद ऑफ स्टंप से बहुत ज्यादा बाहर निकल रही थी और कोहली बल्ला अड़ा बैठे. बाकी का कार्य विकेट के पीछे खड़े क्विंटन डि कॉक ने पूरा किया. बहुत सरलता से कोहली का सीधा कैच लपक लिया. कोहली आउट होने के बाद दंग दिखे. कुछ देर तक वहीं खड़े रह गए.

विराट कोहली के लिए पिछले दो साल संघर्ष वाले रहे हैं. उन्होंने अपना अंतिम शतक बांग्लादेश के विरूद्ध 2019 में लगाया था. उसके बाद से वह कोई बड़ी पारी नहीं खेल सके. सेंचुरियन टेस्ट की बात करेंगे तो यहा वह पहली पारी में भी ऐसे ही हाउट हुए थे.

2021 की बात करें तो कोहली ने 11 टेस्ट में महज 28.21 की औसत से 536 रन बनाए. इस दौरान उनके नाम 4 अर्धशतक रहे, जबकि बेस्ट स्कोर 72 रहा. बेकार फॉर्म की वजह से ही उन्हें टी-20 टीम की कप्तानी छोड़नी पड़ी, जबकि बाद में बीसीसीआई ने वनडे की कप्तानी से भी हटाने का निर्णय किया.


गौरतलब है कि हिंदुस्तान ने अपनी दूसरी पारी में 174 रन बनाकर दक्षिण अफ्रीका के सामने 305 रन का लक्ष्य रखा. हिंदुस्तान ने पहली पारी में 327 रन बनाकर दक्षिण अफ्रीका को 197 रन पर आउट करके 130 रन की बढ़त हासिल की थी. हिंदुस्तान की तरफ से दूसरी पारी में ऋषभ पंत ने सर्वाधिक 34 रन बनाए. दक्षिण अफ्रीका के लिए कागिसो रबाडा और मार्को जेनसेन ने चार-चार जबकि लुंगी एनगिडी ने दो विकेट लिए.