ट्रैक्टर परेड हिंसा, किसानों पर बड़ी खबर आई सामने

ट्रैक्टर परेड हिंसा, किसानों पर बड़ी खबर आई सामने

नई दिल्ली: केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन जारी है। किसानों ने फैसला लिया है कि जिन राज्यों में चुनाव है वह उन राज्यों में जनसभाए करेंगे और लोगों से बीजेपी को हराने की अपील करेंगे। अब इस बीच गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर परेड हिंसा मामले में 20 और किसानों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया है। जिन लोगों को नोटिस जारी किया गया है उनमें अधिकतर किसान नेता हैं। इससे पहले 40 किसानों के खिलाफ भी लुकआउट नोटिस जारी किया था।

आरोपियों के विदेश भागने का शक
पुलिस को आशंका है यह सभी लोग विदेश भाग सकते हैं, ताकि पुलिस की कार्रवाई से बच सकें। अब एयरपोर्ट पर अलर्ट कर दिया है। विशेष पुलिस आयुक्त (अपराध शाखा) ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने पूछताछ के लिए किसान नेताओं को दूसरा नोटिस दिया है। अभी तक अधिकतर नेता पूछताछ में शामिल नहीं हुए हैं। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत व सतनाम सिंह पन्नू समेत कई नेता पूछताछ में शामिल नहीं हुए हैं।

एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि हिंसा को लेकर पुलिस ने 15 नई एफआईआर दर्ज की है। अभ एफआईआर की संख्या बढ़कर 59 हो गई है। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा 14 की जांच कर रही है। इन एफआईआर में कुल 158 आरोपी व किसानों को गिरफ्तार किए गए थे। अभी भी 130 लोग जेल में हैं और बाकी जमानत बाहर हैं।

साजिश के तहत लाल किला पर फहराया झंडा
उन्होंने बताया कि आम जनता से हिंसा से जुड़े फोटो, वीडियो और ऑडियो देने के लिए अपील की गई थी। लोगों ने 3000 फोटो, 2001 वीडियो और 73 ऑडियो पुलिस को दिए हैं। इनसे आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस ने लालकिले से करीब 10 हजार लोगों का डंप डाटा लिया है। इन नंबरों से जानकारी मिली है कि सिंघु, गाजीपुर और टीकरी बॉर्डर से किसान पहुंचे थे।

पुलिस के मुताबिक, जांच में खुलासा हुआ है कि लालकिले पर झंडा फहराने की घटना साजिश थी जिसके तहत अंजाम दिया गया है। किसानों ने यह पहले से ही तय कर लिया था उन्हें लालकिले पर जाना है। उन्होंने तय किया था कि वहां फतेह दिवस मनाने के लिए झंडा फहराना है।


पृथ्वी पर गिरती अंतरिक्ष की धूल, अंतरिक्ष चट्टानों ने निभाई जीवन के विकास में अहम भूमिका

पृथ्वी पर गिरती अंतरिक्ष की धूल, अंतरिक्ष चट्टानों ने निभाई जीवन के विकास में अहम भूमिका

हर साल करीब पांच हजार टन ब्रह्मांडीय धूल पृथ्वी पर गिरती है। इसमें मुख्यत: उल्कापिंडों और क्षुद्रग्रहों के बारीक कण होते हैं। एक नए अध्ययन के अनुसार इस धूल की मात्र पृथ्वी पर गिरने वाली अंतरिक्ष की चट्टानों की तुलना में बहुत ज्यादा होती है। पृथ्वी पर हर साल करीब दस टन बड़ी चट्टानें गिरती हैं। अंतरिक्ष की धूल की भारी मात्र के बावजूद इसे खोज पाना मुश्किल होता है। बारिश की वजह से यह धूल बह जाती है और कई स्थानों पर पृथ्वी की अपनी धूल इस धूल को ढक देती है, लेकिन अंटार्कटिका में शोधकर्ताओं ने अंतरिक्ष की धूल को एकत्र करने का तरीका विकसित कर लिया है। 

फ्रांस के राष्ट्रीय विज्ञान अनुसंधान केंद्र के भौतिकविद ज्यां दुप्रो और उनके सहयोगियों ने इस इलाके से अंतरिक्ष धूल एकत्र करने के लिए 20 वर्षो में छह अभियान आयोजित किए हैं। इस इलाके में अंतरिक्ष की धूल की परतें पूरी तरह से सुरक्षित हैं। इन परतों के आधार पर यह अनुमान लगा सकते हैं कि हर साल अंतरिक्ष से कितनी धूल पृथ्वी पर गिरती है। शोधकर्ताओं ने इस इलाके में खाइयां खोदकर 20 किलो के बैरल में बर्फ की परतों को जमा किया। बैरल को रिसर्च स्टेशन की प्रयोगशाला में सावधानीपूर्वक बर्फ की परतों को पिघलाया। बर्फ के पिघलने के बाद बची धूल के कणों को अलग कर शोधकर्ताओं ने सुनिश्चित किया कि इन नमूनों में उनके अपने दस्तानों से किसी तरह की दूसरी मिलावट न होने पाए।


मध्य अंटार्कटिका में एकत्र किए गए बर्फ के नमूनों के विश्लेषण के आधार पर शोधकर्ताओं ने अनुमान लगाया कि करीब 5,200 टन अंतरिक्ष की धूल हर साल पृथ्वी पर गिरती है। इन धूल कणों का व्यास 30 से लेकर 200 माइक्रोमीटर के बीच होता है। इस प्रकार ये सूक्ष्म कण पृथ्वी पर पारलौकिक पदार्थ के सबसे बड़े स्नोत हैं। पृथ्वी के वायुमंडल में प्रविष्ट करने वाली अधिकांश अंतरिक्ष शिलाएं जल जाती हैं। इससे पृथ्वी पर गिरने वाली धूल की मात्र कम हो जाती है। हर साल करीब 15,000 टन धूल वायुमंडल में दाखिल होती है। इसका अर्थ यह हुआ कि करीब एक-तिहाई हिस्सा ही पृथ्वी पर पहुंच पाता है।


शोधकर्ताओं का कहना है कि 80 प्रतिशत धूल संभवत: कुछ खास धूमकेतुओं से आती है। छोटी कक्षा वाले ये धूमकेतु बृहस्पति के गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव से नियंत्रित होते हैं। करीब 20 प्रतिशत धूल संभवत: क्षुद्रग्रहों से आती है। पृथ्वी पर गिरने वाले पारलौकिक पदार्थो का अध्ययन खगोल-भौतिकी और भू-भौतिकी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि पृथ्वी पर इस समय मौजूद कई तत्व संभवत: अंतरिक्ष की चट्टानों द्वारा लाए गए थे। कुछ सिद्धांतों के अनुसार अंतरिक्ष की चट्टानों के जरिये आने वाले तत्वों और मॉलिक्यूल्स ने पृथ्वी पर जीवन के प्रारंभिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। 


डॉक्टर की लापरवाही से बिगड़ा अभिनेत्री का चेहरा, सोशल मीडिया पर लगाई फटकार       Janhvi Kapoor कोरोना महामारी के बीच जमकर मना रही हैं वेकेशन       नहीं रहे अनुपम खेर को 'मनमोहन सिंह' बनाने वाले मेकअप आर्टिस्ट, अभिनेता ने जताया दुख       कंगना रनौत का अरविंद केजरीवाल पर तंज, बोलीं...       कभी फिल्मों में बैकग्राउंड डांसर थे ये एक्टर, वीडियो शेयर कर बोले...       Mira Rajput Kapoor ने फोटो शेयर कर अपनी फेवरेट ‘आईपीएल’ टीम का किया खुलासा!       KL Rahul के जन्मदिन पर रूमर्ड गर्लफ्रेंड आथिया शेट्टी ने दिलचस्प अंदाज में दी बधाई       आशुतोष राणा के बाद अब रेणुका शहाणे भी हुई कोरोना पॉजिटिव, बच्चे भी हुए संक्रमित       बेहतरीन फोटोग्राफर हैं शाहिद कपूर की बेटी मीशा, पत्नी मीरा की ये तस्वीर है प्रूफ       Madhuri Dixit Covid-19 की दूसरी लहर से हुई दुखी, सोशल मीडिया पर लिखी ये बात       हैदराबाद को मिली लगातार तीसरी हार, मुंबई ने 13 रन से जीता मुकाबला       चेन्नई ने पंजाब को 6 विकेट से हराया, हासिल की पहली जीत       राजस्थान ने रोमांचक मुकाबले में दिल्ली को हराया, दर्ज की पहली जीत       बैंगलोर ने लगाई जीत की हैट्रिक, कोलकाता को 38 रन से हराया       पंजाब की दमदार शुरुआत, स्कोर हुआ 70 के पार       Samsung स्मार्टफोन खरीदने का शानदार मौका, मिल रहा भारी डिस्काउंट ऑफर       इस हफ्ते Xiaomi Mi Ultra, Apple समेत ये स्मार्टफोन भारत में देंगे दस्तक       Google Chrome को मिला बड़ा अपडेट, बदल जाएगा Google सर्च का अंदाज       POCO M2 का नया वेरिएंट 21 अप्रैल को होगा लॉन्च, कीमत 10,000 रुपये से होगी कम       Samsung Galaxy A22 स्मार्टफोन जल्द भारत में होगा लॉन्च, BIS लिस्टिंग से हुआ खुलासा