गुलेरिया ने कहा- डेढ़ से दो माह में आ सकती है कोरोना की तीसरी लहर

गुलेरिया ने कहा- डेढ़ से दो माह में आ सकती है कोरोना की तीसरी लहर

 अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निदेशक डाॅ. रणदीप गुलेरिया ने कोरोना की तीसरी लहर को लेकर चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि लाॅकडाउन खत्म होने के बाद लोगों ने एक बार फिर बचाव के नियमों का ठीक से पालन करना बंद कर दिया है। भीड़ भी एकत्रित होने लगी है। इसलिए तीसरी लहर जरूर आएगी। यदि यही स्थिति रही तो डेढ़ से दो माह (छह से आठ सप्ताह) में तीसरी लहर आ सकती है। इसलिए बचाव के नियमों का सख्ती से पालन करना होगा।

एम्स निदेशक ने कहा- लोगों ने पहली व दूसरी लहर से नहीं लिया कोई सबक 

एम्स निदेशक ने एक बयान में कहा कि अनलाॅक शुरू होने के बाद लोगों में कोरोना से बचाव के व्यवहार में कमी देखी जा रही है। ऐसा लगता है कि लोगों ने पहली व दूसरी लहर से कोई सबक नहीं लिया। सामान्य तौर पर नई लहर तीन माह के अंतराल पर आती है, लेकिन यह इस पर भी निर्भर करेगा कि लोग बचाव के नियमों का कितना पालन करते हैं और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए किस तरह के कदम उठाए जाते हैं। मामले बढ़ने में थोड़ा समय लगेगा, लेकिन तीसरी लहर तीन माह के अंतराल से थोड़ा पहले आ सकती है।

गुलेरिया ने कहा- जब तक टीका नहीं लग जाता, संक्रमण बढ़ने का खतरा बना रहेगा

उन्होंने कहा कि देश की बड़ी आबादी को जल्द टीका लगाना सबसे बड़ी चुनौती है, जब तक टीका नहीं लग जाता, संक्रमण बढ़ने का खतरा बना रहेगा। वायरस में म्युटेशन होने के बाद ही नया स्ट्रेन बाहर से भारत आया और पूरे देश में दूसरी लहर फैल गई। वायरस में अब भी म्यूटेशन हो रहा है। इसलिए नए म्यूटेशन का पता लगाने के लिए अध्ययन करना होगा।

गुलेरिया ने कहा- संक्रमण रोकने का पूरे देश में लाॅकडाउन से बेहतर विकल्प नहीं

उन्होंने कहा कि संक्रमण रोकने का पूरे देश में लाॅकडाउन से बेहतर विकल्प नहीं है। इससे आर्थिक गतिविधियां प्रभावित होती हैं। इसलिए संक्रमण की निगरानी जरूरी है, यदि कहीं संक्रमण बढ़ता है तो कंटेनमेंट जोन में लाॅकडाउन किया जाना चाहिए।

संक्रमण से बचाव के लिए मास्क जरूरी, शारीरिक दूरी के नियम का हो पालन

संक्रमण दर पांच फीसद से अधिक होने पर मिनी लाॅकडाउन होना चाहिए। संक्रमण से बचाव के लिए जरूरी है कि लोग मास्क का इस्तेमाल जरूर करें और शारीरिक दूरी के नियम का पालन करते रहें। 


राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को अब तक 45.73 करोड़ से अधिक वैक्सीन की खुराक की गई प्रदान

राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को अब तक 45.73 करोड़ से अधिक वैक्सीन की खुराक की गई प्रदान

देश में तेजी से कोरोना के खिलाफ टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। केंद्र सरकार राज्यों को बड़ी संख्या में वैक्सीन उपलब्ध करा रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को अब तक सभी स्रोतों के माध्यम से 45.73 करोड़ से अधिक (45,73,30,110) कोरोना रोधी वैक्सीन की खुराक प्रदान की गई है। राज्यों और केंद्रशासित प्रदेश को देने के लिए 24 लाख से अधिक (24, 11,000) वैक्सीन की खुराक अभी पाइपलाइन में हैं। मंत्रालय ने आगे कहा कि राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों और निजी अस्पतालों के पास अभी वैक्सीन की 2.28 करोड़ से ज्यादा खुराक उपलब्ध है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार देश में पिछले 24 घंटों में 66,03,112 कोरोना रोधी वैक्सीन लगाई गईं हैं, जिसके बाद देश में कुल टीकाकरण का आंकड़ा 44,19,12,395 हो गया है।


वैक्सीन आपूर्ति श्रृंखला को किया जा रहा सुव्यवस्थित: केंद्र

मंत्रालय ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को वैक्सीन उपलब्धता कराई जा रही है, ताकि टीकाकरण अभियान को और तेज और वैक्सीन आपूर्ति श्रृंखला को सुव्यवस्थित किया जा सके। राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के हिस्से के रूप में भारत सरकार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मुफ्त में कोरोना के टीके उपलब्ध करा रही है।

 
देश में कोरोना के सक्रिय मामलों की कुल संख्या चार लाख से नीचे

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार पिछले 24 घंटों के अंदर भारत में 29,689 नए कोरोना के मामले सामने आए हैं और 415 नई मौतें हुई हैं। पिछले 24 घंटों में 42,363 लोग कोरोना की बीमारी से ठीक हुए हैं। कोरोना बीमारी से ठीक हुए लोगों की कुल संख्या 3,06,21,469 हो गई है। देश में कोरोना के सक्रिय मामलों की कुल संख्या 3,98,100 है। देश में अब तक कोरोना के कुल मामलों की संख्या 3,14,40,951 हो गई है। देश में कोरोना महामारी से मरने वालों की कुल संख्या 4,21,382 हो गई है।