अमेरिका, आस्ट्रेलिया से विवाद के बाद फ्रांसीसी विदेश मंत्री ने की एस जयशंकर से वार्ता

अमेरिका, आस्ट्रेलिया से विवाद के बाद फ्रांसीसी विदेश मंत्री ने की एस जयशंकर से वार्ता

भारत और फ्रांस मिलकर बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कार्य करते रहेंगे। इस सिलसिले में फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-वेस ली ड्रायन ने शनिवार को भारतीय समकक्ष एस जयशंकर को फोन कर उनसे वार्ता की। इस वार्ता के बाद फ्रांस के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा, दोनों संप्रभु देश अपनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमत हैं। यह साझेदारी राजनीतिक विश्वास पर आधारित होगी। आस्ट्रेलिया को परमाणु पनडुब्बी की तकनीक दिए जाने के अमेरिका के समझौते से पैदा विवाद के बीच फ्रांसीसी विदेश मंत्री की जयशंकर से वार्ता महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

जयशंकर ने ट्वीट कर कहा, मित्र ली ड्रायन के साथ हिंद-प्रशांत महासागर क्षेत्र और अफगानिस्तान मसले पर महत्वपूर्ण वार्ता हुई। दोनों देशों ने अपने संबंधों को और आगे बढ़ाने का फैसला किया है। फ्रांसीसी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि दोनों विदेश मंत्रियों के बीच अफगानिस्तान के विषय में भी वार्ता हुई। वहां की स्थिति निरंतर गिरावट की ओर है। दोनों नेताओं ने अगले सप्ताह न्यूयार्क में मुलाकात का भी फैसला किया। वहां पर दोनों नेता संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाग लेने के लिए जाएंगे। वहां पर भविष्य के लिए संयुक्त रूप से आगे बढ़ने का प्रभावी कार्यक्रम तय किया जाएगा।


अमेरिका, ब्रिटेन और आस्ट्रेलिया के बने नए सैन्य गठबंधन में परमाणु चालित पनडुब्बी का सौदा होने से नाराज फ्रांस ने अमेरिका और आस्ट्रेलिया से अपने राजदूतों को बातचीत के लिए बुलाया है। इस पनडुब्बी सौदे से फ्रांस के साथ हुआ आस्ट्रेलिया के पनडुब्बी खरीदने का समझौता टूट गया है। फ्रांस के विदेश मंत्री जीन यवेस ले ड्रियान ने लिखित बयान में कहा है कि अमेरिका और आस्ट्रेलिया की घोषणा बहुत ही गंभीर और असाधारण है। इसीलिए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के कहने पर यह कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा है कि सौदे को रद करना सहयोगी और पार्टनरों के बीच अस्वीकार्य व्यवहार है।


MP में प्याज घोटाला: 2300 रुपयों में उद्यानिकी विभाग ने खरीदा 1100 का बीज, EOW की जाँच शुरू

MP में प्याज घोटाला: 2300 रुपयों में उद्यानिकी विभाग ने खरीदा 1100 का बीज, EOW की जाँच शुरू

भोपाल मध्य प्रदेश में प्याज घोटाले (Onion scam) की जाँच अब ईओडब्ल्यू (EOW) ने प्रारम्भ कर दी है इस जाँच की रडार पर उद्यानिकी विभाग के कमिश्नर आ गए हैं आरोप है कि अप्रमाणित बीज (Uncertified seeds) खरीद कर सरकार को आर्थिक नुकसान और घोटाला किया गया प्रमाणित बीज के जो रेट तय किए गए थे उससे भी अधिक दर पर विभाग ने अप्रमाणित बीज खरीदा प्रदेश शासन ने  प्याज के उस बीज को इसलिए प्रतिबंधित कर दिया था क्योंकि इससे पैदावार कम होती थी इसकी स्थान पर अब प्रमाणित हाइब्रिड बीज को अनुमति दी गई है लेकिन नियमों को ताक पर रखकर विभाग ने घोटाला करते हुए अप्रमाणित बीज की खरीदा

ये है पूरा मामला
प्रदेश शासन ने उद्यानिकी नर्सरियों पर प्रमाणित बीजों की बिक्री दर 1100 रुपये प्रति किलो तय की थी इसके बाद भी  उद्यानिकी विभाग ने अप्रमाणित खरीफ प्याज बीज दोगुने से भी अधिक दाम 2300 रुपए प्रति किलो की दर पर खरीद लिया यह बीज एमपी एग्रो की स्थान दूसरी संस्थाओं से खरीदा गया राष्ट्रीय बागवानी मिशन में इसी वर्ष पहली बार खरीफ प्याज को शामिल किया गया है इसके बाद विभाग ने दो करोड़ रुपए में 90 क्विंटल प्याज बीज को खरीद लिया उद्यानिकी को एमआईडीएच योजना में संकर सब्जी बीज के नाम पर केंद्र सरकार से 2 करोड़ रुपए मिले थे इस राशि से नियमों को ताक पर रखकर निम्न गुणवत्ता के अप्रमाणित प्याज बीज की प्रजाति एग्री फाउंड डार्क रेड की खरीदी कर ली गई

ऐसे हुआ घोटाला
उद्यानिकी विभाग के 29 सितंबर 2020 को जारी पत्र के अनुसार सब्जी बीज की दरें ( 2020-21) में 1100 रुपए प्रति किलो थी लेकिन बगैर टेंडर बुलाए सीधे एनएचआरडीएफ इन्दौर से 2300 रुपए प्रति किलो की दर पर प्याज का बीज खरीद लिया गया यह खरीदी तब कर ली गई जब नेफेड और एमपीएसी समेत अन्य कई मान्यता प्राप्त निजी संस्थाएं इसे कम मूल्य पर सप्लाई करने के लिए तैयार थीं

EOW ने प्रारम्भ की जांच
इस मुद्दे की कम्पलेन आईटीआई कार्यकर्ताओं और दूसरी संस्थाओं ने सबसे पहले विभाग के मंत्री से की इसके बाद अब इस मुद्दे की कम्पलेन जब EOW पहुंची तो एजेंसी ने इस पूरे मुद्दे की जाँच प्रारम्भ कर दी विभाग के संबंधित और उत्तरदायी ऑफिसरों को नोटिस भेजकर जबाव तलब किया जा रहा है