फलाहारी मखाना दही चाट के साथ लें व्रत में भी चटपटा स्वाद

फलाहारी मखाना दही चाट के साथ लें व्रत में भी चटपटा स्वाद

नवरात्रि के व्रत जारी हैं और इस दौरान घरों में फलाहार के तौर पर कई व्यंजन भी बनाए जाते हैं। ऐसे में अगर आप व्रत के दौरान कुछ हटकर और चटपटा खाना चाहते हैं तो फलाहारी मखाना दही चाट आजमा सकते हैं। आज इस कड़ी में हम आपके लिए इसे बनाने की आसान Recipe लेकर आए हैं। तो आइये जानते हैं इसके बारे में।

– 1/2 चम्मच चाट मसाला
– 2 चम्मच मीठी चटनी
– 2 चम्मच हरी चटनी
– 2 चम्मच नमकीन बेसन के सेव


 
बनाने की विधि

– मखाना दही चाट बनाने बनाने के लिए सबसे पहले गैस ऑन करें। कढ़ाई चढ़ाएं। मखाना इसमें भूनें। अब मखाने को प्लेट में निकाल लें।
– दही को चम्मच से अच्छी तरह फेंट लें और उसमें एक चुटकी पीला रंग और थोड़ा नमक डाल दें।
– अब गाढ़ी हो चुकी दही में मखाने को डालकर मिक्स कर लें। ऊपर से जीरा पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, मीठी और खट्टी चटनी और अनारदाने डाल कर खाएं और खिलाएं।

FacebookTwitterWhatsApp


वास्तु के अनुसार कैसा हो आपका किचन? यहां जानें इसके बारे में

वास्तु के अनुसार कैसा हो आपका किचन? यहां जानें इसके बारे में

किचन को वास्तु के अनुसार बनाना जरूरी है। कहावत है कि अच्छा खाओ और अच्छा खिलाओ। इंसान का पेट भरा हो, तो उसके दुख आधे हो जाते हैं। अगर किचन को वास्तु के अनुसार नहीं बनाया गया, तो घर में रहने वाले लोगों की सेहत, खासतौर पर महिलाओं की सेहत पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। इसके अलावा रोग, शोक और धन की बर्बादी का भी कारण बन सकता है। वास्तुशास्त्र के नियमों के अनुसार जानें आपके किचन का सही स्वरूप क्या होना चाहिए।

किचन में किस दिशा में क्या रखें

वास्तुशास्त्र के अनुसार आपके घर का किचन आग्नेय कोण में होना फलदायी होता है। आग्नेय कोण आपके घर की दक्षिण-पूर्व की दिशा होती है। इस अनुरूप किचन में पीने का पानी उत्तर-पूर्व दिशा में रखना चाहिए। पानी और आग को कभी पास-पास नहीं रखना चाहिए। गैस दक्षिण-पूर्व दिशा में होनी चाहिए। भोजन करते समय आपका मुख उत्तर-पूर्व दिशा में और डाइनिंग टेबल दक्षिण-पूर्व में होनी चाहिए। माइक्रोवेव, मिक्सर या अन्य धातु उपकरण दक्षिण-पूर्व में तथा फ्रिज उत्तर-पश्चिम में रख सकते हैं। डस्टबिन को किचन से बाहर ही रखना चाहिए।

कैसा होना चाहिए किचन

किचन को खुला-खुला और चौकोर होना चाहिए। इसके फर्श और दीवारों का रंग पीला, नारंगी रखें और नीले रंग के प्रयोग से बचना चाहिए। पूर्व में खिड़की और उजालदान होना चाहिए। किचन में ईशान कोण की तरफ जल को रखें। रसोईघर में पूजा का स्थान और आस-पास बाथरूप या शौचालय बिल्कुल नहीं होना चाहिए। खिड़की के नीचे चूल्हा, चूल्हे के ऊपर शेल्फ तथा सिंक और चूल्हा एक ही प्लेटफार्म पर नहीं होना चाहिए। किचन में एग्जॉस्ट फैन जरूर लगाएं। वास्तु और ज्योतिष के अनुसार जहां किचन हो, भोजन वहीं करना चाहिए। इससे राहु और केतु का बुरा प्रभाव नहीं पड़ता है। बिना छत वाली जगह पर भोजन करने से राहु और केतु के बुरे प्रभाव सक्रिय हो जाता हैं।


भारत के पास पहले प्रयास में दो वर्ल्ड कप जीतने वाली पहली टीम बनने का मौका, सदी की यह 100वीं जीत भी होगी       बागों में सिक्योरिटी गार्ड्स और कुत्ते कर रहे आमों की रखवाली, होश उड़ा देगी कीमत       विश्व में Eyeball के विट्रस फ्लूड में Black Fungus का दूसरा और तीसरा केस कानपुर में मिला       मरीजों को नहीं लगानी पड़ेगी लंबी लाइन, बारकोड स्कैन कर तुरंत बना दिया जाएगा पर्चा       महज 45 सेकेंड में बुक हो गए दिल्ली, मुंबई जाने वाली 20 स्पेशल ट्रेनों के तत्काल टिकट       कोविड के इलाज में वसूली थी मनमानी फीस, प्रशासन से तीन अस्पतालों से वापस कराए 1.92 लाख रुपये       पूर्वांचल की सभी नदियां उफनाईं, प्रशासन ने जारी किया एलर्ट       सीएम योगी ने कोविड निगरानी समितियों को सराहा, कहा...       कुशीनगर में नदी की बीच धारा में खत्म हुआ नाव का डीजल, बह गई डेढ़ सौ लोगों से भरी नाव       लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क में चलेगी ट्वाय ट्रेन, पार्क में लेजर शो भी होगा खास       जून में एक करोड़ के लक्ष्य से ज्यादा लगेंगे टीके, युवा जोश ने बढ़ाई रफ्तार       सीएम योगी का आज बलिया और वाराणसी का दौरा, करेंगे विकास कार्य की समीक्षा       ट्विटर पर मुस्लिम बुजर्ग की पिटाई मामले को सांप्रदायिक रंग देकर नफ़रत फैलाने का आरोप, ट्विटर इंडिया के MD को नोटिस भेजकर पुलिस ने 7 दिन में थाने आकर बयान दर्ज कराने का दिया आदेश       कब है गंगा दशहरा 2021? जानें इसका धार्मिक महत्व       वास्तु के अनुसार कैसा हो आपका किचन? यहां जानें इसके बारे में       गर्मियों में ठंडी-ठंडी 'मैंगो आइसक्रीम' खाने का मजा ही है अलग और इसे बनाना भी है बेहद आसान       पाकिस्तान में बढ़ती जा रही है गधों की संख्या, वजह जानकर उड़ जायेंगे होश       आज गुरुवार को इन मंत्रों के जाप से करें भगवान विष्णु को प्रसन्न       जीवन में सफलता, यश, कीर्ति और धन पाने के लिए ऐसे करें मां लक्ष्मी की पूजा       कल है धूमावती जयंती, जानें सही तिथि, पूजन विधि तथा महत्व