पाकिस्तानी पीएम इमरान खान को उच्चतम न्यायालय ने लगाई फटकार- आप होमवर्क क्यों नहीं करते

पाकिस्तानी पीएम इमरान खान को उच्चतम न्यायालय ने लगाई फटकार- आप होमवर्क क्यों नहीं करते

करीब सात वर्ष पहले आर्मी पब्लिक स्कूल में हुए नरसंहार मुद्दे की सुनवाई के दौरान पाक उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश गुलजार अहमद ने पाकिस्तानी पीएम इमरान खान को जमकर डांट लगाई. हालांकि, इमरान खान ने भी बोला कि पाक में कोई भी 'पवित्र गाय' नहीं है. मैं कानून के शासन में विश्वास करता हूं.

दरअसल, आर्मी पब्लिक स्कूल (एपीएस) हत्याकांड से संबंधित एक मुद्दे में चीफ जस्टिस की ओर से तलब किए जाने के बाद इमरान खान पाक के उच्चतम न्यायालय में पेश हुए थे.तहरीक-ए-तालिबान पाक (टीटीपी) के लड़ाकों ने 16 दिसंबर 2014 को पेशावर में आर्मी पब्लिक स्कूल पर हमला कर दिया था. इस नरसंहार में 140 लोग मारे गए थे, जिसमें ज्यादातर स्कूली बच्चे थे.

सुप्रीम न्यायालय में दायर एक याचिका में बच्चों के माता-पिता ने देश के तत्कालीन शीर्ष नेतृत्व के विरूद्ध केस दर्ज करने की मांग की थी. साथ ही, न्यायालय से घटना की पारदर्शी जाँच का भी निवेदन किया था. न्यायालय ने अटॉर्नी जनरल खालिद जावेद खान को स्थिति की समीक्षा करने और आवश्यक कदम उठाने और न्यायालय को सूचित करने के लिए बोला था. चाहे वह जाँच हो या उत्तरदायी लोगों के विरूद्ध केस दर्ज करना.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, गत सोमवार को इस मुद्दे की सुनवाई फिर से प्रारम्भ हुई तो पाक के चीफ जस्टिस ने इमरान खान को बेंच के सामने पेश होने के लिए तलब किया. न्यायालय में जस्टिस एजाज उल अहसन ने बोला कि शहीद बच्चों के माता-पिता हमले के समय के शासकों के विरूद्ध कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

इमरान खान ने बोला कि जब नरसंहार हुआ तब उनकी पार्टी खैबर पख्तूनख्वा में सत्ता में थी. घटना के बाद वह हॉस्पिटल ों में बच्चों के माता-पिता से मिले थे लेकिन वे सदमे और दुख में थे इसलिए उनसे ठीक से बात करना संभव नहीं था.

सीजेपी ने बोला कि पीड़ितों के माता-पिता सरकार से मुआवजे की मांग नहीं कर रहे थे. वे सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्न उठा रहे हैं. हमारे व्यापक आदेशों के बावजूद कोई कदम नहीं उठाए गए. इमरान खान बोला कि एपीएस नरसंहार के बाद एक राष्ट्रीय काम योजना पेश की गई थी.

उन्होंने न्यायालय में बोला कि पाक में कोई 'पवित्र गाय' नहीं है. हमने आतंकवाद के विरूद्ध जंग जीती है. उस समय हर रोज बम धमाके हो रहे थे. उच्चतम न्यायालय ने बोला कि सरकार को एपीएस स्कूली बच्चों के माता-पिता की बात सुननी चाहिए और दोषियों के विरूद्ध कार्रवाई करनी चाहिए. इमरान खान ने आश्वासन दिया कि सरकार न्याय दिलाने का कार्य करेगी.

शीर्ष न्यायालय ने पीएम को अपने 20 अक्टूबर के निर्णय पर अमल सुनिश्चित करने का आदेश दिया. इस इमरान खान ने कहा, 'एक मिनट रुकिए जज साहब! अल्लाह स्कूली बच्चों के माता-पिता को सब्र देगा, सरकार मुआवजा देने के अतिरिक्त और क्या कर सकती है?'


पाकिस्तान: नवाज की वापसी पर गृह मंत्री शेख रशीद का बड़ा बयान, कहा- 'बेमतलब की बातें'

पाकिस्तान: नवाज की वापसी पर गृह मंत्री शेख रशीद का बड़ा बयान, कहा- 'बेमतलब की बातें'

पूर्व पीएम नवाज शरीफ की संभावित वापसी की अफवाहों के बीच, पाक के गृह मंत्री शेख रशीद अहमद ने बुधवार को बोला कि शरीफ के लौटने की बातें बेमतलब की हैं जो विपक्ष मीडिया का ध्यान आकर्षित करने के लिए कर रहा है.

एक न्यायालय ने शरीफ को करप्शन के मुद्दे में कारागार की सजा सुनाई थी जिसके बाद लाहौर हाई कोर्ट ने 2019 में उन्हें चिकित्सकीय आधार पर चार हफ्ते के लिए लंदन जाने की इजाजत दी थी.

हालांकि, लंदन जाने के बाद से शरीफ पाक नहीं लौटे हैं. उनकी पार्टी का बोलना है कि डॉक्टरों की सलाह पर 71 वर्षीय शरीफ देश वापस लौटेंगे. गृह मंत्री ने कहा, 'शरीफ के वापस आने को बेवजह तूल दिया जा रहा है.' रावलपिंडी में रशीद ने मीडिया से व्यंग्यात्मक लहजे में बोला कि शरीफ के लिए पाक लौटने का एक तरफ का टिकट देने का उनका प्रस्ताव आज भी है. उन्होंने यह भी बोला कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिन लोगों ने अपनी ज्यादातर जीवन पाक में गुजारी वह देश को प्यार करने की बजाय उसे छोड़कर चले गए

सेना के साथ 'बेहतर' हुआ शरीफ का तालमेल पाकिस्तान में अगले आम चुनाव से पहले पीएमएल-एन सुप्रीमो और पूर्व पीएम नवाज शरीफ की संभावित वापसी की अफवाहों को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है. पीएमएल-एन के अध्यक्ष शहबाज शरीफ, जो पूर्व पीएम के भाई भी हैं, उन्होंने साफ तौर पर बोला कि नवाज शरीफ पूरी तरह से ठीक होने तक वापस नहीं आएंगे. नवाज शरीफ की वापसी की अटकलें ऐसे समय पर लगाई जा रही हैं जब बोला जा रहा है कि सेना के साथ उनका तालमेल फिर से ठीक हो गया है.


'नवाज शरीफ से हार गई नकली सरकार'शनिवार को जारी एक बयान में, शहबाज शरीफ ने बोला कि नवाज शरीफ ब्रिटेन में कानूनी रूप से तब तक रह सकते हैं जब तक कि ब्रिटिश गृह ऑफिस द्वारा वीजा बढ़ाने की अस्वीकृति के विरूद्ध उनकी अपील पर आव्रजन न्यायाधिकरण नियम नहीं बनाते. इस बीच, पीएमएल-एन की उपाध्यक्ष मरियम नवाज ने एक ट्वीट में बोला , 'इस नकली सरकार ने नवाज शरीफ से अपनी हार स्वीकार कर ली है, जो पाक का वर्तमान और भविष्य है. एक बड़े व्यक्तित्व को निशाना बनाकर, एक पिग्मी का कद ऊंचा नहीं किया जा सकता है.'