पाकिस्‍तानी सेना प्रमुख बाजवा ने भारत और अफगानिस्‍तान की सीमा पर सेना को किया सतर्क, जानें वजह

पाकिस्‍तानी सेना प्रमुख बाजवा ने भारत और अफगानिस्‍तान की सीमा पर सेना को किया सतर्क, जानें वजह

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा ने सेना को भारत-पाक नियंत्रण रेखा (एलओसी) और अफगानिस्तान की सीमा पर पूरी सतर्कता बनाए रखने के लिए कहा है। न्यूज इंटरनेशनल के अनुसार सेना के कमांडरों की रावलपिंडी के सैन्य मुख्यालय में दो दिन तक चली बैठक में सीमाओं पर आधुनिकीकरण के साथ ही ढांचागत कमजोरियों को दूर करने पर भी विचार किया गया है।

सेना के इंटर-सर्विस पब्लिक रिलेशन ने कहा कि पाकिस्तान के सामने राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर मौजूदा चुनौतियों पर बैठक में विचार किया गया है। भारत और अफगानिस्तान दोनों ही सीमाओं पर सेना को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। पिछले माह अफगानिस्तान सीमा पार से फायरिंग और बमबारी की गई थी। अफगानिस्तान में आतंकवादियों को लेकर अब पाक सेना चिंतित हो गई है।

बाजवा ने अपने शीर्ष जनरलों से अफगानिस्तान से लगी सीमा पर सैन्य तैयारियों के उच्च मानक बनाए रखने के भी निर्देश दिए हैं। जनरल बाजवा बीते दिनों दो दिवसीय 78वें फार्मेशन कमांडर सम्मेलन की अध्यक्षता की थी। इस सम्‍मेलन में बाजवा को अफगान शांति प्रक्रिया के लिए पाकिस्तान के सार्थक समर्थन और सीमा सुरक्षा बढ़ाने के लिए किए जा रहे कदमों के बारे में बताया गया। बैठक में कोर कमांडरों, चीफ स्टाफ अफीसर्स और सेना के फार्मेशन कमांडरों ने भाग लिया।


बलूचिस्तान में कश्मीरी शरणार्थियों ने पीओके चुनाव में कम दिलचस्पी दिखाई

बलूचिस्तान में कश्मीरी शरणार्थियों ने पीओके चुनाव में कम दिलचस्पी दिखाई

बलूचिस्तान में रहने वाले करोड़ों कश्मीरी शरणार्थियों ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में हाल ही में संपन्न हुए चुनावों में बहुत कम दिलचस्पी दिखाई और कई मतदान केंद्रों पर एक भी मतदाता नहीं आया। डॉन द्वारा यह रिपोर्ट किया गया। पीओके विधानसभा चुनाव में रविवार को इमरान खान की पीटीआई 25 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। जिन 45 विधानसभा सीटों में चुनाव हुआ उनमें 33 पीओके निवासियों के लिए और 12 पाकिस्तान के विभिन्न शहरों में बसे शरणार्थियों के लिए रहीं।

स्थानीय मीडिया ने कहा कि सात जिलों में मतदान केंद्र बनाए गए थे, लेकिन कश्मीरी मतदाता केवल क्वेटा और सिबी में ही पहुंचे। संबंधित अधिकारियों ने पाकिस्तानी दैनिक को सूचित किया कि नसीराबाद, केच, मस्तुंग, बरखान और किला सैफुल्ला के मतदान केंद्रों पर एक भी मतदाता नहीं आया। हालांकि मतदानकर्मी अंत तक मतदान केंद्रों पर डटे रहे।

डॉन की रिपोर्ट में कहा गया है कि कश्मीरी शरणार्थियों ने तीन मतदान केंद्रों पर वोट डाला। मतदान के लिए निर्धारित सात जिलों में से केवल दो में ही वोट डाले गए। रविवार को मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद, विपक्षी दलों ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के नेतृत्व वाली सरकार पर चुनावों में 'धांधली' करने का आरोप भी लगाया।

इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी की आलोचना करते हुए, देश के शीर्ष विपक्षी नेता पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) चुनावों में कथित धांधली के खिलाफ अदालतों का रुख करने और विरोध अभियान चलाने पर विचार कर रहे हैं।

डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान मुस्लिम लीग (एन) ने प्रधानमंत्री इमरान खान की पीटीआई सरकार पर चुनाव में धांधली करने के लिए अपनी मशीनरी का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। पीएमएल-एन की उपाध्यक्ष मरियम नवाज ने ट्वीट किया, 'मैंने पीओके के चुनाव परिणाम को स्वीकार नहीं किया है... और न ही करूंगी। मैंने न तो 2018 के आम चुनाव के नतीजे स्वीकार किए थे और न ही इस नकली सरकार को स्वीकार किया। पीओके चुनाव में इस शर्मनाक धांधली पर पीएमएल-एन जल्द ही रणनीति की घोषणा करेगी।'