इमरान खान की करतूत चरमपंथी संगठन TLP के मुखिया साद रिजवी का नाम आतंकवादी की सूची से हटाया

इमरान खान की करतूत चरमपंथी संगठन TLP के मुखिया साद रिजवी का नाम आतंकवादी की सूची से हटाया

चरमपंथी संगठन तहरीक-ए-लब्बैक पाक यानी TLP के मुखिया साद रिजवी पर आतंकवाद और मर्डर समेत 100 से भी अधिक केस दर्ज हैं. उसका नाम आतंकवादी सूची में शामिल था, मगर अब नहीं है, क्योंकि पाक के कठपुतली पीएम इमरान खान ने तालिबान के दबाव में अपना निर्णय पलट दिया है. उसका नाम पाक के पंजाब प्रक्षेत्र की सरकार ने आतंकियों की लिस्ट से हटा दिया गया है.

तहरीक-ए-लब्बैक पाक यानी टीएलपी प्रमुख साद हुसैन रिजवी का नाम इस सूची से बाहर कर दिया गया है. हाल ही में इस इस्लामिक संगठन ने पाक की इमरान सरकार पर भारी दवाब बनाया था. टीएलपी ने कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन किये थे. इसके बाद पुलिस के साथ टीएलपी की हिंसक झड़प भी हुई थी.

साद हुसैन रिजवी का नाम पंजाब प्रक्षेत्र की सरकार ने आतंकियों की सूची से तो हटा दिया है लेकिन यहां सरकार की तरफ से अभी यह नहीं साफ किया गया है कि क्या वह रिजवी पर चल रहे आतंकवाद समेत अन्य मामलों में दर्ज केसों को वापस लेगी.

प्रक्षेत्रिय सरकार की तरफ से जो नोटिफिकेशन जारी किया गया है उसमें बोला गया है कि रिजवी का नाम चौथे शेड्यूल से हटा दिया गया है. रिजवी को 12 अप्रैल को हिरासत में लिया गया था. उस पर आरोप था कि उसने टीएलपी के विरोध प्रदर्शन को लेकर रणनीति बनाई थी.

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पंजाब सरकार से जुड़े एक सूत्र के मुताबिक, रिजवी पर 100 से अधिक केस दर्ज हैं. इसमें आतंकवाद, हत्या, मर्डर की प्रयास समेत अन्य केस शामिल हैं. रिजवी को आतंकियों की लिस्ट से बाहर किये जाने के इस निर्णय के बारे में बोला जा रहा है कि इमरान खान सरकार ने टीएलपी सरकार के साथ गुप्त समझौता किया है.

संघीय सरकार ने पहले ही टीएलपी पर से प्रतिबंध हटा लिया है. पिछले सप्ताह ही हजारों टीएलपी कार्यकर्ताओं ने लाहौर से करीब 150 किलोमीटर दूर वजीराबाद में प्रदर्शन किया था. टीएलपी के मेम्बर फ्रांस के राजदूत को निकलाने की मांग कर रहे थे. वो राजदूत द्वारा पैंगम्बर मुहम्मद पर की गई टिप्पणी से नाराज थे.


पाकिस्तान: नवाज की वापसी पर गृह मंत्री शेख रशीद का बड़ा बयान, कहा- 'बेमतलब की बातें'

पाकिस्तान: नवाज की वापसी पर गृह मंत्री शेख रशीद का बड़ा बयान, कहा- 'बेमतलब की बातें'

पूर्व पीएम नवाज शरीफ की संभावित वापसी की अफवाहों के बीच, पाक के गृह मंत्री शेख रशीद अहमद ने बुधवार को बोला कि शरीफ के लौटने की बातें बेमतलब की हैं जो विपक्ष मीडिया का ध्यान आकर्षित करने के लिए कर रहा है.

एक न्यायालय ने शरीफ को करप्शन के मुद्दे में कारागार की सजा सुनाई थी जिसके बाद लाहौर हाई कोर्ट ने 2019 में उन्हें चिकित्सकीय आधार पर चार हफ्ते के लिए लंदन जाने की इजाजत दी थी.

हालांकि, लंदन जाने के बाद से शरीफ पाक नहीं लौटे हैं. उनकी पार्टी का बोलना है कि डॉक्टरों की सलाह पर 71 वर्षीय शरीफ देश वापस लौटेंगे. गृह मंत्री ने कहा, 'शरीफ के वापस आने को बेवजह तूल दिया जा रहा है.' रावलपिंडी में रशीद ने मीडिया से व्यंग्यात्मक लहजे में बोला कि शरीफ के लिए पाक लौटने का एक तरफ का टिकट देने का उनका प्रस्ताव आज भी है. उन्होंने यह भी बोला कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिन लोगों ने अपनी ज्यादातर जीवन पाक में गुजारी वह देश को प्यार करने की बजाय उसे छोड़कर चले गए

सेना के साथ 'बेहतर' हुआ शरीफ का तालमेल पाकिस्तान में अगले आम चुनाव से पहले पीएमएल-एन सुप्रीमो और पूर्व पीएम नवाज शरीफ की संभावित वापसी की अफवाहों को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है. पीएमएल-एन के अध्यक्ष शहबाज शरीफ, जो पूर्व पीएम के भाई भी हैं, उन्होंने साफ तौर पर बोला कि नवाज शरीफ पूरी तरह से ठीक होने तक वापस नहीं आएंगे. नवाज शरीफ की वापसी की अटकलें ऐसे समय पर लगाई जा रही हैं जब बोला जा रहा है कि सेना के साथ उनका तालमेल फिर से ठीक हो गया है.


'नवाज शरीफ से हार गई नकली सरकार'शनिवार को जारी एक बयान में, शहबाज शरीफ ने बोला कि नवाज शरीफ ब्रिटेन में कानूनी रूप से तब तक रह सकते हैं जब तक कि ब्रिटिश गृह ऑफिस द्वारा वीजा बढ़ाने की अस्वीकृति के विरूद्ध उनकी अपील पर आव्रजन न्यायाधिकरण नियम नहीं बनाते. इस बीच, पीएमएल-एन की उपाध्यक्ष मरियम नवाज ने एक ट्वीट में बोला , 'इस नकली सरकार ने नवाज शरीफ से अपनी हार स्वीकार कर ली है, जो पाक का वर्तमान और भविष्य है. एक बड़े व्यक्तित्व को निशाना बनाकर, एक पिग्मी का कद ऊंचा नहीं किया जा सकता है.'