इमरान खान ने फिर अलापा 'कश्मीर राग', कहा- दक्षिण एशिया में शांति के लिए कश्मीर मामले का न्यायसंगत निवारण जरूरी

इमरान खान ने फिर अलापा 'कश्मीर राग', कहा- दक्षिण एशिया में शांति के लिए कश्मीर मामले का न्यायसंगत निवारण जरूरी

Pakistan News: पाक के पीएम इमरान खान ने सोमवार को बोला कि दक्षिण एशिया में स्थायी शांति और स्थिरता के लिए संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों और कश्मीरी लोगों की ख़्वाहिश के मुताबिक कश्मीर मामले का न्यायसंगत निवारण महत्वपूर्ण है इमरान खान ने यह टिप्पणी जम्मू और कश्मीर के लिए इस्लामिक योगदान संगठन (ओआईसी) के विशेष दूत, यूसुफ एल्डोबे से बात करते हुए की एल्डोबे ने मानवीय मामलों के सहायक महासचिव तारिग बख्त और ओआईसी प्रतिनिधिमंडल के अन्य वरिष्ठ सदस्यों के साथ उनसे मुलाकात की हिंदुस्तान ने पूर्व में ओआईसी से बोला है कि देश के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी के लिए वह निहित स्वार्थी तत्वों को मंच का लाभ उठाने की अनुमति नहीं दे

विदेश मंत्रालय के प्रतिनिधि अरिंदम बागची ने अगस्त में बोला था, ‘‘ओआईसी का केन्द्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर से संबंधित मामलों में कोई अधिकार नहीं है, जो हिंदुस्तान का अभिन्न अंग है यह दोहराया जाता है कि ओआईसी महासचिव को हिंदुस्तान के आंतरिक मामलों पर टिप्पणियों के लिए निहित स्वार्थों को अपने मंच का लाभ उठाने की अनुमति देने से बचना चाहिए ’’

खान ने दोहराया कि संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों और कश्मीरी लोगों की इच्छाओं के मुताबिक कश्मीर का न्यायसंगत निवारण दक्षिण एशिया में स्थायी शांति और स्थिरता के लिए एक पूर्वापेक्षा है पीएम ऑफिस ने एक बयान में बोला कि खान ने मानवाधिकारों के कथित उल्लंघन की जाँच के लिए मानवाधिकार संगठनों और मीडिया की जम्मू और कश्मीर में पहुंच की भी मांग की

उन्होंने आरोप लगाया कि 5 अगस्त, 2019 से हिंदुस्तान की एकतरफा कार्रवाई का उद्देश्य कश्मीरियों को मताधिकार से वंचित करना और जनसांख्यिकीय संरचना को बदलना है गौरतलब है कि 5 अगस्त, 2019 को, हिंदुस्तान ने जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा वापस ले लिया था और प्रदेश को दो केन्द्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया था

भारत ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से साफ तौर पर बोला है कि अनुच्छेद 370 के अधिकांश प्रावधानों को समाप्त करना उसका आंतरिक केस है इसने पाक को वास्तविकता को स्वीकार करने और हिंदुस्तान विरोधी सभी दुष्प्रचार को रोकने की भी सलाह दी है


पाकिस्तान: नवाज की वापसी पर गृह मंत्री शेख रशीद का बड़ा बयान, कहा- 'बेमतलब की बातें'

पाकिस्तान: नवाज की वापसी पर गृह मंत्री शेख रशीद का बड़ा बयान, कहा- 'बेमतलब की बातें'

पूर्व पीएम नवाज शरीफ की संभावित वापसी की अफवाहों के बीच, पाक के गृह मंत्री शेख रशीद अहमद ने बुधवार को बोला कि शरीफ के लौटने की बातें बेमतलब की हैं जो विपक्ष मीडिया का ध्यान आकर्षित करने के लिए कर रहा है.

एक न्यायालय ने शरीफ को करप्शन के मुद्दे में कारागार की सजा सुनाई थी जिसके बाद लाहौर हाई कोर्ट ने 2019 में उन्हें चिकित्सकीय आधार पर चार हफ्ते के लिए लंदन जाने की इजाजत दी थी.

हालांकि, लंदन जाने के बाद से शरीफ पाक नहीं लौटे हैं. उनकी पार्टी का बोलना है कि डॉक्टरों की सलाह पर 71 वर्षीय शरीफ देश वापस लौटेंगे. गृह मंत्री ने कहा, 'शरीफ के वापस आने को बेवजह तूल दिया जा रहा है.' रावलपिंडी में रशीद ने मीडिया से व्यंग्यात्मक लहजे में बोला कि शरीफ के लिए पाक लौटने का एक तरफ का टिकट देने का उनका प्रस्ताव आज भी है. उन्होंने यह भी बोला कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिन लोगों ने अपनी ज्यादातर जीवन पाक में गुजारी वह देश को प्यार करने की बजाय उसे छोड़कर चले गए

सेना के साथ 'बेहतर' हुआ शरीफ का तालमेल पाकिस्तान में अगले आम चुनाव से पहले पीएमएल-एन सुप्रीमो और पूर्व पीएम नवाज शरीफ की संभावित वापसी की अफवाहों को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है. पीएमएल-एन के अध्यक्ष शहबाज शरीफ, जो पूर्व पीएम के भाई भी हैं, उन्होंने साफ तौर पर बोला कि नवाज शरीफ पूरी तरह से ठीक होने तक वापस नहीं आएंगे. नवाज शरीफ की वापसी की अटकलें ऐसे समय पर लगाई जा रही हैं जब बोला जा रहा है कि सेना के साथ उनका तालमेल फिर से ठीक हो गया है.


'नवाज शरीफ से हार गई नकली सरकार'शनिवार को जारी एक बयान में, शहबाज शरीफ ने बोला कि नवाज शरीफ ब्रिटेन में कानूनी रूप से तब तक रह सकते हैं जब तक कि ब्रिटिश गृह ऑफिस द्वारा वीजा बढ़ाने की अस्वीकृति के विरूद्ध उनकी अपील पर आव्रजन न्यायाधिकरण नियम नहीं बनाते. इस बीच, पीएमएल-एन की उपाध्यक्ष मरियम नवाज ने एक ट्वीट में बोला , 'इस नकली सरकार ने नवाज शरीफ से अपनी हार स्वीकार कर ली है, जो पाक का वर्तमान और भविष्य है. एक बड़े व्यक्तित्व को निशाना बनाकर, एक पिग्मी का कद ऊंचा नहीं किया जा सकता है.'