अमेरिका व ईयू के बीच सालों पुराना व्यापारिक विवाद खत्म, पुतिन से मुलाकात से पहले बाइडन का पक्ष मजबूत!

अमेरिका व ईयू के बीच सालों पुराना व्यापारिक विवाद खत्म, पुतिन से मुलाकात से पहले बाइडन का पक्ष मजबूत!

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने मंगलवार को विमान निर्माताओं के लिए सब्सिडी को लेकर यूरोपीय संघ के साथ लंबे समय से चले आ रहे विवाद को समाप्त करने के लिए महत्वपूर्ण पहल की। यह यूएस-ईयू व्यापार संबंधों में एक बड़ी सफलता है। बाइडन बुधवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ मुलाकात करेंगे।

बाइडन ने मंगलवार को यूरोपीय परिषद के प्रेसीडेंट चा‌र्ल्स माइकल और यूरोपीय आयोग की प्रेसीडेंट उर्सला वान डेर लेयेन से मुलाकात की। इन मुलाकातों के बाद दोनों पक्ष 17 साल पुराने विवाद का समाधान निकालने पर राजी हो गए। अमेरिका अपनी विमान निर्माता दिग्गज कंपनी बोइंग और यूरोपीय संघ एयरबस को कितनी सरकारी सब्सिडी देंगे इस पर सहमति बन गई।

बाइडन के इस कदम से दोनों पक्षों के बीच तनाव कम हुआ है। बुधवार को जेनेवा में पुतिन के साथ होने वाली मुलाकात में अमेरिकी पक्ष की धमक बनाए रखने के लिए बाइडन को यूरोपीय संघ का समर्थन हासिल करना बहुत जरूरी था।


अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कैथरीन ताई ने संवाददाताओं से कहा कि समझौते में विमान शुल्क के पांच साल के निलंबन का आह्वान किया गया है। आज की घोषणा से अमेरिका-यूरोप संबंधों में लंबे समय से चली आ रही व्यापारिक अड़चनों का समाधान हो गया है।

कैथरीन ने कहा अपने सबसे करीबी सहयोगियों में से एक के साथ लड़ने के बजाय हम अंतत: सामूहिक चुनौती से निपटने के लिए एकजुट हो रहे हैं। अभी हमारे लिए चीन से मिल रही आर्थिक चुनौतियों का मुकाबला करना ज्यादा जरूरी है।


ब्रिटेन और आस्ट्रेलिया में मुक्त व्यापार समझौता

ब्रिट्रेन और आस्ट्रेलिया के बीच ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते पर सहमति बन गई है। इस समझौते के चलते कई तरह की बाधाएं दूर होने से ब्रिटेन के लिए आस्ट्रेलिया में कार और स्काच व्हिस्की जैसे उत्पाद बेचना काफी सस्ता हो जाएगा। यह जानकारी मंगलवार को ब्रिटेन के पीएम के सरकारी आवास 10 डाइनिंग स्ट्रीट से दी गई।

सूत्रों ने बताया कि ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जानसन के सरकारी आवास पर हुई बैठक में आस्ट्रेलियाई पीएम स्काट मौरिसन ने भी भाग लिया। इस बैठक में दोनों नेताओं के बीच समझौते को अंतिम रूप देने पर सहमति बनी। समझौते का विस्तृत स्वरूप अगले कुछ दिनों में जारी किया जाएगा। इस समझौते से ब्रिटेन के सामान पर लगने वाले करों में पर्याप्त कटौती होगी जिससे व्यापार बढ़ेगा और रोजगार के अवसर पैदा होंगे।


बलूचिस्तान में कश्मीरी शरणार्थियों ने पीओके चुनाव में कम दिलचस्पी दिखाई

बलूचिस्तान में कश्मीरी शरणार्थियों ने पीओके चुनाव में कम दिलचस्पी दिखाई

बलूचिस्तान में रहने वाले करोड़ों कश्मीरी शरणार्थियों ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में हाल ही में संपन्न हुए चुनावों में बहुत कम दिलचस्पी दिखाई और कई मतदान केंद्रों पर एक भी मतदाता नहीं आया। डॉन द्वारा यह रिपोर्ट किया गया। पीओके विधानसभा चुनाव में रविवार को इमरान खान की पीटीआई 25 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। जिन 45 विधानसभा सीटों में चुनाव हुआ उनमें 33 पीओके निवासियों के लिए और 12 पाकिस्तान के विभिन्न शहरों में बसे शरणार्थियों के लिए रहीं।

स्थानीय मीडिया ने कहा कि सात जिलों में मतदान केंद्र बनाए गए थे, लेकिन कश्मीरी मतदाता केवल क्वेटा और सिबी में ही पहुंचे। संबंधित अधिकारियों ने पाकिस्तानी दैनिक को सूचित किया कि नसीराबाद, केच, मस्तुंग, बरखान और किला सैफुल्ला के मतदान केंद्रों पर एक भी मतदाता नहीं आया। हालांकि मतदानकर्मी अंत तक मतदान केंद्रों पर डटे रहे।

डॉन की रिपोर्ट में कहा गया है कि कश्मीरी शरणार्थियों ने तीन मतदान केंद्रों पर वोट डाला। मतदान के लिए निर्धारित सात जिलों में से केवल दो में ही वोट डाले गए। रविवार को मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद, विपक्षी दलों ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के नेतृत्व वाली सरकार पर चुनावों में 'धांधली' करने का आरोप भी लगाया।

इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी की आलोचना करते हुए, देश के शीर्ष विपक्षी नेता पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) चुनावों में कथित धांधली के खिलाफ अदालतों का रुख करने और विरोध अभियान चलाने पर विचार कर रहे हैं।

डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान मुस्लिम लीग (एन) ने प्रधानमंत्री इमरान खान की पीटीआई सरकार पर चुनाव में धांधली करने के लिए अपनी मशीनरी का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। पीएमएल-एन की उपाध्यक्ष मरियम नवाज ने ट्वीट किया, 'मैंने पीओके के चुनाव परिणाम को स्वीकार नहीं किया है... और न ही करूंगी। मैंने न तो 2018 के आम चुनाव के नतीजे स्वीकार किए थे और न ही इस नकली सरकार को स्वीकार किया। पीओके चुनाव में इस शर्मनाक धांधली पर पीएमएल-एन जल्द ही रणनीति की घोषणा करेगी।'