Samsung Galaxy S21 सीरीज में मिलेगा बायोमेट्रिक वॉयस-अनलॉक फीचर

Samsung Galaxy S21 सीरीज में मिलेगा बायोमेट्रिक वॉयस-अनलॉक फीचर

दक्षिण कोरिया की कद्दावर तकनीकी कंपनी सैमसंग (Samsung) की ओर से अपने आनें वाले गैलेक्सी एस21 सीरीज (Galaxy S21 series) को बिक्सबी वॉयस (bixby voice) के साथ पेश करने की बात कही जा रही है, जो कि एक बायोमेट्रिक वॉयस-अनलॉक फीचर है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, गैलेक्सी एस21 सीरीज में वन यूआई के रनिंग वर्जन 3.1 को लॉन्च किए जाने की आशा है, जैसे कि गैलेक्सी एस20 और गैलेक्सी एस10 क्रमश: वन यूआई 2.1 और वन यूआई 1.1 पर रन करता है.

बायोमेट्रिक वॉयस-अनलॉक फीचर
गैलेक्सी एस21 में विशेषतौर पर कुछ नए विशेषता भी शामिल किए जाएंगे, जिसमें से एक होगा बिक्सबी वॉयस. यह डिवाइस को अनलॉक करने के लिए उपयोग किया जाने वाला एक बायोमेट्रिक पद्धति है. इसके पिछले वर्जन में हाय बिक्सबी कहकर यूजर्स अपने डिवाइस को अनलॉक कर सकते थे, तो हो सकता है कि यूजर्स नए संस्करण के साथ भी अपने डिवाइस को इसी तरह से अनलॉक करे। 

जनवरी में लॉन्च होने की संभावना
हालांकि फोन के लॉक स्क्रीन सिक्योरिटी सेटिंग्स के बारे में अभी भी कुछ भी विस्तार से नहीं बताया गया है. सैमसंग द्वारा गैलेक्सी एस21 सीरीज को अगले वर्ष जनवरी में लॉन्च किए जाने की बात चल रही है, जिसकी बिक्री फरवरी से प्रारम्भ हो सकती है. एस 21 के तीन मॉडल पेश किए जाएंगे- स्टैनडर्ड, प्लस और अल्ट्रा.

फीचर्स
Samsung Galaxy S21 के विशेषता की बात करें तो इसमें 6.2 इंच का डिस्प्ले दी जा साकती है. जबकि इसके प्लस वेरिएंट में 6.7 इंच और अल्ट्रा वेरिएंट में 6.8 इंच की डिस्प्ले दिए जाने की आसार है. गैलेक्सी एस 21 को फैंटम वॉयलेट, फैंटम ग्रे, फैंटम व्हाइट और फैंटम पिंक कलर में पेश किया जाएगा.

प्लास्टिक रियर कवर
वहीं गैलेक्सी एस 21 प्लस को फैंटम सिल्वर, फैंटम ब्लैक और फैंटम वॉयलट में मौजूद कराए जाने की बात कही जा रही है, जबकि गैलेक्सी एस 21 अल्ट्रा को केवल फैंटम सिल्वर और फैंटम ब्लैक कलर्स में लाने की बात कही गई है. बेस मॉडल गैलेक्सी एस 21 में एक प्लास्टिक रियर कवर होगा, जबकि एस 21 अल्ट्रा में ग्लास का इस्तेमाल किया जाएगा.


नई शिक्षा नीति पर अमल को सरकार दे सकती है अलग से फंड, शिक्षा मंत्रालय ने वित्त मंत्रालय को दिया है प्रस्ताव

नई शिक्षा नीति पर अमल को सरकार दे सकती है अलग से फंड, शिक्षा मंत्रालय ने वित्त मंत्रालय को दिया है प्रस्ताव

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अमल को लेकर सरकार जिस तरह से पूरी ताकत से जुटी है, उससे साफ है कि इसे आगे बढ़ाने के लिए सरकार की ओर से बजट में अलग से वित्तीय प्रविधान किए जा सकते हैं। शिक्षा मंत्रालय ने इसे लेकर वित्त मंत्रालय को एक प्रजेंटेशन भी दिया है। इसमें नीति के अमल से जुड़ी जरूरतों को प्रमुखता से रखा गया है। वैसे भी देश की आजादी के 75वें साल यानी वर्ष 2022 में जिस तरह स्कूली बच्चों को नई नीति के तहत किताबें मुहैया कराने जैसे लक्ष्य रखे गए हैं, उसमें ज्यादा जरूरत पैसों की होगी।

खास बात यह है कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में भी सरकार से शिक्षा पर खर्च को दोगुना करने की सिफारिश की गई है। नीति में साफ कहा गया है कि शिक्षा को नई ऊंचाई देने और नीति के अमल के लिए जरूरी है कि शिक्षा पर कुल सरकारी खर्च का बीस फीसद राशि खर्च की जाए। जो मौजूदा समय में कुल सरकारी खर्च का सिर्फ दस फीसद ही है।

मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों की मानें, तो नीति में भले ही शिक्षा पर खर्च में दोगुनी बढ़ोतरी की सिफारिश की गई है, लेकिन यह मौजूदा परिस्थितियों में एक साथ करना संभव नहीं है। यह जरूर है कि यह बढ़ोतरी आने वाले सालों में एक क्रमबद्ध तरीके से की जा सकती है। इसकी शुरुआत सरकार की ओर से इसी साल से की जा सकती है।

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अमल को लेकर वैसे तो शिक्षा मंत्रालय ने दो क्षेत्रों को चिन्हित किया है। इनमें एक क्षेत्र ऐसा है, जिनमें उन सारी गतिविधियों को शामिल किया गया है, जिनके अमल के लिए पैसों की कोई जरूरत नहीं होगी। बल्कि इन्हें मंत्रालय के स्तर पर प्रशासनिक तरीके से अंजाम दिया जाना है। जबकि दूसरे क्षेत्र में ऐसी गतिविधियों को रखा है, जिसके लिए पैसों की जरूरत होगी।


फिलहाल इनमें जो अमल है, उनमें स्कूली बच्चों को खाने के साथ नाश्ता भी देना, शिक्षकों को प्रशिक्षण देना, स्कूली शिक्षा में प्री-स्कूल को शामिल करना, शिक्षकों के खाली पदों को भरना, शोध को बढ़ावा देना, उच्च शिक्षण संस्थानों को विश्वस्तरीय बनाने सहित ऑनलाइन शिक्षा को मजबूती देने जैसे कदम शामिल हैं।

सरकार इस बार शिक्षा नीति के अमल को लेकर कुछ सतर्क भी है, क्योंकि इससे पहले जो नीति बनाई गई, उस पर पैसों के अभाव में ठीक से अमल नहीं हो सका था। हरेक नीति में शिक्षा पर जीडीपी का छह फीसद तक खर्च करने की सिफारिश की गई, लेकिन अभी भी शिक्षा पर जीडीपी के चार फीसद के आसपास खर्च किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में शिक्षा का कुल बजट करीब एक लाख करोड़ रुपये था।


25 जनवरी 2021 का राशिफल: मकर राशि वालों के चल या अचल संपत्ति में वृद्धि होगी, लेकिन...       Share Market Tips: बजट से पहले भी बाजार में आ सकती है अच्छी खासी गिरावट       नई शिक्षा नीति पर अमल को सरकार दे सकती है अलग से फंड, शिक्षा मंत्रालय ने वित्त मंत्रालय को दिया है प्रस्ताव       Post Office के सुकन्या समृद्धि, आरडी और पीपीएफ खाते में ऑनलाइन जमा कर सकते हैं रुपये, जानें       Yes Bank के संस्थापक राणा कपूर को हाई कोर्ट से भी नहीं मिली जमानत       बैंक के नाम पर आने वाले फर्जी मैसेज की कैसे करें पहचान       गिर गई सोने की कीमतें, चांदी में आई उछाल, जानिए क्या हो गए हैं भाव       Home First Finance के IPO को मिला अच्छा-खासा समर्थन, बोली के आखिरी दिन तक हुआ 26.57 गुना सब्सक्राइब       इंग्लैंड ने भारत को छोड़ा पीछे, टेस्ट सीरीज में श्रीलंका का क्लीन स्वीप कर बनाया ये रिकॉर्ड       पाकिस्तान के पूर्व बल्लेबाजी कोच ने की रिषभ पंत की तारीफ, कही...       ऑस्ट्रेलिया के इस दिग्गज तेज गेंदबाज पर टीम से बाहर होने का खतरा       IPL की वजह से हुआ बदलाव, ICC ने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल किया स्थगित       भारतीय स्पिनर का खुलासा, ऑस्ट्रेलिया दौरे पर हुआ भेदभाव, नहीं थी उनके साथ लिस्ट में जाने की अनुमति       गणतंत्र दिवस के मौक़े पर आयी फ़िल्मों ने जब बॉक्स ऑफ़िस पर भी मचाया धमाल       The Family Man के मेकर्स के साथ ओटीटी डेब्यू के लिए तैयार शाहिद कपूर       शेखर कपूर ने कहा कि फूलन ने बैंडिट क्वीन देखकर कहा था कि मुझे लगा फिल्म में गाने होंगे       इस एक्टर की दुल्हनियां बनी नताशा दलाल, अब इस दिन होगा वरुण नताशा का ग्रैंड रिसेप्शन       Republic Day 2021: देशभक्ति से जुड़े ये गाने आपकी भी आंखें कर देंगे नम       शादी के बाद वरुण धवन ने शेयर कीं अपनी हल्दी सेरेमनी की फोटोज़, देखें एक्टर का कूल अंदाज़       Republic Day पर लौट रही है विक्की कौशल की 'उरी- द सर्जिकल स्ट्राइक', सिनेमाघरों में फिर गूंजेगा Hows The Josh