निलंबित एमवीआइ ने काली कमाई से अर्जित की करोड़ों की संपत्ति, EOU की छापेमारी में खुले राज

निलंबित एमवीआइ ने काली कमाई से अर्जित की करोड़ों की संपत्ति, EOU की छापेमारी में खुले राज

बालू के अवैध खनन (Illegal Sand Mining) मामले में आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने बुधवार को भोजपुर के निलंबित मोटरयान निरीक्षक (एमवीआइ) विनोद कुमार के पटना, आरा और बक्सर के ठिकानों पर छापेमारी की। इसमें बिचौलियों से साठ-गांठ कर अकूत संपत्ति अर्जित करने के पर्याप्त सूबत मिले हैं। उन्होंने भोजपुर के अलावा बांका और सारण में पदस्थापन (अरवल में अतिरिक्त प्रभार) के दौरान अपने व पत्नी के नाम पर करोड़ों की संपत्ति अर्जित की है। इसमें पटना के रूपसपुर इलाके के शांति एनक्लेव अपार्टमेंट में फ्लैट, आरा के मोतीझील इलाके में मकान व बक्सर में कई जगहों पर भूखंडों की खरीद की गई है। निलंबित अफसर का पैतृक निवास बक्सर के ही नावानगर में है। सिर्फ बक्सर में छापेमारी के दौरान जांच टीम को एमवीआइ के नाम पर साढ़े छह एकड़ जमीन के कागजात मिले हैं।

ईओयू के एडीजी नैयर हसनैन खान ने बताया कि निलंबित एमवीआइ पर आय से अधिक संपत्ति मामले में प्राथमिकी भी दर्ज की गई है। जांच टीम ने तलाशी के क्रम में बैंक खाते, बीमा, शेयर व निवेश से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। सभी बैंक खाते फ्रीज कर दिए गए हैं। जांच टीम के अनुसार, आगे की जांच में विनोद के द्वारा अर्जित अन्य संपत्तियों की जानकारी भी मिलने की संभावना है। 


पांच साल पहले निगरानी ने रिश्वत लेते पकड़ा था

निलंबित एमवीआइ विनोद कुमार का दामन पहले से दागदार रहा है। वर्ष 2016 में निगरानी विभाग ने विनोद को 44 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। इस मामले में विनोद के साथ इनके मुंशी सत्यप्रकाश राय के विरुद्ध 12 मार्च, 2016 को निगरानी थाने में प्राथमिकी भी दर्ज की गई थी। मामला ठंडा होने के बाद उन्हें भोजपुर जैसे महत्वपूर्ण जिले में एमवीआइ की जिम्मेदारी दे दी गई। 


चौथे अधिकारी जिनके ठिकानों पर छापा

बालू के अवैध खनन मामले में हटाए गए 41 पदाधिकारियों में विनोद कुमार चौथे अफसर हैं, जिनके ठिकानों पर छापेमारी की गई है। इसके पहले डेहरी के निलंबित एसडीओ और पालीगंज व भोजपुर के निलंबित एसडीपीओ के ठिकानों पर छापेमारी की जा चुकी है। ईओयू सूत्रों के अनुसार, जल्द ही अन्य पुलिस और प्रशासनिक अफसरों के ठिकानों पर भी छापेमारी की जाएगी।


हल्द्वानी में अघोषित बिजली कटौती से लोग परेशान, कॉल तक रिसीव नहीं करते अधिकारी

हल्द्वानी में अघोषित बिजली कटौती से लोग परेशान, कॉल तक रिसीव नहीं करते अधिकारी

शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की समस्या आम हो चुकी है। दिन में चार से पांच घंटे तक बिजली अघोषित कटौती ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। बिजली नहीं होने पर कई छोटे व बड़े कारोबार भी प्रभावित हो रहे हैं। लोगों को गुस्सा तब आता है जब अफसरों के कॉल रिसीव तक नहीं होते।

हल्द्वानी के शहर और ग्रामीण इलाकों में पिछले दो माह से बिजली की कटौती की जा रही है। बिजली नहीं होने पर घरों में काम तो प्रभावित हो ही रहे हैं, वहीं पानी के लिए भी लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। पानी की मोटर और नलकूप शोपिस बन रहे हैं। लोगों का कहना है कि गर्मी आने से पहले ऊर्जा निगम के अधिकारी लौपिंग चौपिंग के नाम पर घंटों रोस्टिंग करते हैं। इसके बावजूद गर्मी आने पर फिर अघोषित कटौती की जाती है। अधिकारियों को बिजली नहीं आने पर कॉल किया जाता है तो वह रिसीव नहीं किया जाता।

लोगों का कहना है कि चुनाव आने से पहले कांग्रेस, भाजपा व आम आदमी पार्टी प्रदेश को 300 यूनिट मुफ्ट बिजली देनी की बात कर रहे हैं। लेकिन अभी हो रही बिजली कटौती को लेकर कोई पार्टी सुध नहीं ले रही है। इधर, ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता दीनदयाल पांगती का कहना है कि लाइन में फॉल्ट होने पर बिजली चली जाती है। बिजली को 24 घंटे सुचारू रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।