बिहार में अब दिखेगी थानेदारनी की हनक, सबसे ज्‍यादा महिला पुलिस वाले राज्‍य में यह हो रही व्‍यवस्‍था

बिहार में अब दिखेगी थानेदारनी की हनक, सबसे ज्‍यादा महिला पुलिस वाले राज्‍य में यह हो रही व्‍यवस्‍था

बिहार पुलिस (Bihar  Police) में वर्तमान में 13,718 महिला पुलिस पदाधिकारी व कर्मी हैं। यह कुल पुलिस बल का 25 फीसद है, जो देश में सर्वाधिक है। बावजूद राज्य के थानों में महज 4.38 फीसद ही महिला थानाध्यक्ष (Woman SHO) हैं। इसे बढ़ाने की तैयारी है। इसके लिए गृह विभाग ने पुलिस मुख्यालय से थानावार महिला पुलिस पदाधिकारियों व कर्मियों का डाटा (फीसद में) मांगा है। गृह विभाग की समीक्षा बैठक में बताया गया कि कुल 13,712 महिला बल में 5,372 महिला पुलिस पदाधिकारियों व कर्मियों की तैनाती विभिन्न थानों में की गई है। यह कुल महिला बल का 39 फीसद है। राज्य के थानों में महिला थानाध्यक्ष के साथ कांस्टेबलों की संख्या भी बढ़ाने की योजना है, ताकि थाने आने वाली महिलाएं ज्यादा आसानी से अपनी शिकायत दर्ज करा सकें। 

महिला हेल्प डेस्क के लिए मांगी जाएगी राशि

राज्य के हर थाने में बनने वाले महिला हेल्प डेस्क के काम में भी तेजी लाने को कहा गया है। इन महिला हेल्प डेस्क की कमान भी महिला पुलिसकर्मियों के हाथों में ही होगी। महिला हेल्प डेस्क के लिए जरूरी फर्नीचर व अन्य संसाधनों के लिए जल्द ही राशि आवंटन की मांग पुलिस मुख्यालय को भेजने का निर्देश दिया गया है। 


भूमि विवाद से जुड़े मामलों के लिए बनेगा पोर्टल

गृह विभाग ने भूमि विवाद से जुड़े मामलों के त्वरित निबटारे के लिए पोर्टल बनाने का निर्देश दिया है। आइटी विभाग के साथ जल्द ही पोर्टल की रूपरेखा तय करने को कहा गया है। इसके पूर्व भूमि विवाद से जुड़े मामलों के लिए वाट्सएप गु्रप बनाने का निर्देश गृह विभाग ने दिया था जिसका गठन कर लिया गया है। इस वाट्सएप ग्रुप में सभी जिलों के अपर समाहर्ता सहित प्रभारी व प्रशाखा पदाधिकारी जुड़े हैं। अपर मुख्य सचिव ने तीन जिलों पश्चिम चंपारण, नालंदा और भागलपुर के भूमि विवाद की समीक्षा कर उनके प्रकार चिन्हित करने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया है। इसके साथ ही अगस्त माह में महज चार जिलों से भूमि विवाद से जुड़ी रिपोर्ट मिलने पर नाराजगी जाहिर करते हुए जल्द ही सभी जिलों से प्रगति रिपोर्ट मांगी गई है। 


हल्द्वानी में अघोषित बिजली कटौती से लोग परेशान, कॉल तक रिसीव नहीं करते अधिकारी

हल्द्वानी में अघोषित बिजली कटौती से लोग परेशान, कॉल तक रिसीव नहीं करते अधिकारी

शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की समस्या आम हो चुकी है। दिन में चार से पांच घंटे तक बिजली अघोषित कटौती ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। बिजली नहीं होने पर कई छोटे व बड़े कारोबार भी प्रभावित हो रहे हैं। लोगों को गुस्सा तब आता है जब अफसरों के कॉल रिसीव तक नहीं होते।

हल्द्वानी के शहर और ग्रामीण इलाकों में पिछले दो माह से बिजली की कटौती की जा रही है। बिजली नहीं होने पर घरों में काम तो प्रभावित हो ही रहे हैं, वहीं पानी के लिए भी लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। पानी की मोटर और नलकूप शोपिस बन रहे हैं। लोगों का कहना है कि गर्मी आने से पहले ऊर्जा निगम के अधिकारी लौपिंग चौपिंग के नाम पर घंटों रोस्टिंग करते हैं। इसके बावजूद गर्मी आने पर फिर अघोषित कटौती की जाती है। अधिकारियों को बिजली नहीं आने पर कॉल किया जाता है तो वह रिसीव नहीं किया जाता।

लोगों का कहना है कि चुनाव आने से पहले कांग्रेस, भाजपा व आम आदमी पार्टी प्रदेश को 300 यूनिट मुफ्ट बिजली देनी की बात कर रहे हैं। लेकिन अभी हो रही बिजली कटौती को लेकर कोई पार्टी सुध नहीं ले रही है। इधर, ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता दीनदयाल पांगती का कहना है कि लाइन में फॉल्ट होने पर बिजली चली जाती है। बिजली को 24 घंटे सुचारू रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।