बिहार में 534 डाटा इंट्री आपरेटरों को जल्‍द मिलेगी नौकरी, माडर्न रिकार्ड रूम में की जाएगी पोस्टिंग

बिहार में 534 डाटा इंट्री आपरेटरों को जल्‍द मिलेगी नौकरी, माडर्न रिकार्ड रूम में की जाएगी पोस्टिंग

राज्य के सभी 534 अंचलों में माडर्न रिकार्ड रूम के लिए डाटा इंट्री आपरेटर (Data Entry Operator) की नियुक्ति इसी महीने होगी। आनलाइन परीक्षा के जरिए इनका चयन हो चुका है। बेल्ट्रान ने सफल उम्मीदवारों की लिस्ट राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को सौंप दी है। इनकी ज्वाइनिंग और पोस्टिंग के बारे में निर्णय लेने के लिए विभाग के अपर मुख्य सचिव विवेक कुमार सिंह ने बुधवार को बैठक की। निदेशक, भू अभिलेख जय सिंह, संयुक्त सचिव  कंचन कपूर एवं एलआईएस सलाहकार अखिलेश कुमार झा समेत अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे। तय हुआ कि सभी आपरेटरों को ज्ञान भवन में एकसाथ नियुक्ति पत्र दिया जाए। इसके लिए 20 सितम्बर को कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। 

गृह प्रमंडल में पुरुष कर्मियों को पोस्टिंग नहीं

इसमें प्रशिक्षण सामग्री और किट भी दिए जाएंगे। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री रामसूरत कुमार कार्यशाला का उद्घाटन करेंगे। कार्यशाला में इन्हें तकनीकी बिन्दुओं के बारे में  जानकारी दी जाएगी। पोस्टिंग के बारे में तय किया दगया कि किसी भी पुरुष कर्मी की नियुक्ति अपने प्रमंडल में नहीं होगी। महिला कर्मी की नियुक्ति गृह जिला के बाहर एवं होगी। यह गृह प्रमंडल के जिलों में उनकी पोस्टिंग हो सकती है। नियुक्ति के बाद सभी कर्मियों को प्रशिक्षण के लिए गृह जिले के किसी अन्य अंचल में कुछ दिनों के लिए भेजा जाएगा। 

छह दिनों का दिया जाएगा प्रशिक्षण 

पोस्टिंग के बाद नवनियुक्त डाटा इंट्री आपरेटर को छह दिनों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह  60-60 कर्मियों के बैच में दिया जाएगा। पीआरओ राजेश कुमार सिंह ने बताया कि  फिलहाल 163 मॉडर्न रिकार्ड रूम कार्य शुरू करने की स्थिति में हैं। अन्य अंचलों के रिकार्ड रूम भी जल्द तैयार होंगे। डाटा इंट्री आपरेटर जमीन से जुड़ी सेवाओं के अलावा सेवा के अधिकार वाले विषयों में सीओ की अनुमति से प्रमाण पत्र जारी कर सकेंगे। इससे अंचल अधिकारियों के काम का बोझ कम होगा और आम लोगों को समय सीमा के भीतर सेवा मिल पाएगी। 


हल्द्वानी में अघोषित बिजली कटौती से लोग परेशान, कॉल तक रिसीव नहीं करते अधिकारी

हल्द्वानी में अघोषित बिजली कटौती से लोग परेशान, कॉल तक रिसीव नहीं करते अधिकारी

शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की समस्या आम हो चुकी है। दिन में चार से पांच घंटे तक बिजली अघोषित कटौती ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। बिजली नहीं होने पर कई छोटे व बड़े कारोबार भी प्रभावित हो रहे हैं। लोगों को गुस्सा तब आता है जब अफसरों के कॉल रिसीव तक नहीं होते।

हल्द्वानी के शहर और ग्रामीण इलाकों में पिछले दो माह से बिजली की कटौती की जा रही है। बिजली नहीं होने पर घरों में काम तो प्रभावित हो ही रहे हैं, वहीं पानी के लिए भी लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। पानी की मोटर और नलकूप शोपिस बन रहे हैं। लोगों का कहना है कि गर्मी आने से पहले ऊर्जा निगम के अधिकारी लौपिंग चौपिंग के नाम पर घंटों रोस्टिंग करते हैं। इसके बावजूद गर्मी आने पर फिर अघोषित कटौती की जाती है। अधिकारियों को बिजली नहीं आने पर कॉल किया जाता है तो वह रिसीव नहीं किया जाता।

लोगों का कहना है कि चुनाव आने से पहले कांग्रेस, भाजपा व आम आदमी पार्टी प्रदेश को 300 यूनिट मुफ्ट बिजली देनी की बात कर रहे हैं। लेकिन अभी हो रही बिजली कटौती को लेकर कोई पार्टी सुध नहीं ले रही है। इधर, ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता दीनदयाल पांगती का कहना है कि लाइन में फॉल्ट होने पर बिजली चली जाती है। बिजली को 24 घंटे सुचारू रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।